बिजली खेल रही आंख मिचौली

Share On : facebook-krishakjagat.org twitter-krishakjagat.org whatsapp-krishakjagat.org

बिजली-खेल-रही-आंख-मिचौली-

सरकार की मैराथन बैठक के बावजूद

उधर ऊर्जा मंत्री बता रहे भरपूर

इंदौर। प्रदेश भर में जारी अघोषित बिजली कटौती को लेकर जनता में उपजे असंतोष को देखते हुए गत दिनों प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के इंदौर-उज्जैन संभाग के अधिकारियों के साथ बिजली वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। ऊर्जा मंत्री ने  बिजली मांग की तुलना में पूर्ति को पर्याप्त बताया। आपने अधिकारियों को वाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए, वहीं ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री  केसरी ने काम ठीक से करने की चेतावनी दी। जबकि दूसरी ओर कृषक जगत द्वारा चुनिंदा उन्नत कृषकों से की गई चर्चा में बिजली की उपलब्धता को लेकर अलग राय सामने आई। गांवों में किसानों को दस घंटे बिजली नहीं मिल रही है, बिजली की आँख मिचौली जारी है।
इंदौर में करीब आठ घंटे चली लम्बी बैठक में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने 15  जिलों के सौ से अधिक मौजूद इंजीनियरों से उनके क्षेत्र में हुए फाल्ट और बिजली बंद होने की वस्तुस्थिति जानने की कोशिश की। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में आपूर्ति 10 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि ट्रिपिंग 20 प्रतिशत कम हुई है। अघोषित कटौती जैसे हालात नहीं हैं। राज्य में 19  हजार मेगावाट बिजली उत्पादित हो रही है, जबकि कुल मांग साढ़े नौ हजार मेगावाट है। आपने हेल्प लाइन नंबर 1912 पर फोन लगाने पर जवाब नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उपभोक्ता हाय- हैलो करने को फोन नहीं लगाता है। 
वहीं बोरलाय जिला बड़वानी के उन्नत कृषक श्री सुरेश मुकाती ने कृषक जगत को बताया कि पूरे दस घंटे बिजली नहीं मिल रही है। दो घंटे की कटौती के साथ ट्रिपिंग भी होती रहती है। कपास की बोनी कर दी गई है। इंदिरा सागर की नहर के कारण सिंचाई का रकबा बढ़ गया है। सीताफल, नींबू और चीकू की फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली चाहिए। करीबी गांव पिपलाज में भी एक घंटे की कटौती हो      रही है। 
उन्नत किसान विजय सुखदेव पाटीदार ने कहा कि दो अलग-अलग शेड्यूल में बिजली दी जा रही है। 9 एकड़ में सीताफल, 10  एकड़ में नींबू लगाया है। सतत बिजली की जरूरत है। निनोरा जिला उज्जैन के उन्नत कृषक श्री राजेन्द्र राठौर ने कहा कि 175 बीघा में सोयाबीन लगाने की तैयारी है। हफ्ते में तीन दिन बिजली कटौती हो रही  है। सुबह 7 से 10 बजे बिजली बंद रहती है। गांव की लाइट 17-18  घंटे चलती है। मानसून की खेंच हुई तो रकबा घटाना पड़ेगा। चाकबारा जिला बुरहानपुर के उन्नत कृषक श्री संजय महाजन ने कहा 8  एकड़ में गेंदा और 20 एकड़ में केला लगाया है। उन्होंने बिजली की कटौती कम होने, लेकिन वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की परेशानी बताई। श्री महाजन ने किसान हितैषी कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिल हाफ योजना में 10 एचपी तक की मोटर लगा सकते हैं, जबकि इलाके के किसान भू-जल स्तर गिरने से दो एकड़ के लिए भी 15 एचपी की मोटर डालता है। ऐसे में किसानों का प्रति एचपी 120 रुपए का खर्च बढ़ गया है। मोटर को लेकर भी बिजलीकर्मी भी मनमानी करते हैं। कर्ज माफी हुई नहीं और अगले सत्र के लिए सोसायटी ने लोन लिमिट 10-15  हजार प्रति एकड़ कर दी है। लोन के लिए सर्च रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया है। जिसमें अन्य बैंकों से नो ड्यूज लेने और रिपोर्ट तैयार कराने में किसानों का खर्च बढ़ेगा। राष्ट्रीयकृत बैंकों में भी ऋण की सीमा प्रति एकड़ अधिकतम 50  हजार कर दी है। अक्टूबर से बिजली बिल बढ़ाने की भी तैयारी है।

 

Share On : facebook-krishakjagat.org twitter-krishakjagat.org whatsapp-krishakjagat.org

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated News