उर्वरक कम्पनियों की बिक्री प्रतिबंधित

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गुजरात में कम वजन के डीएपी पर 

(विशेष प्रतिनिधि)

अहमदाबाद। खरीफ सीजन की शुरुआत के ठीक पहले गुजरात में डीएपी की बोरियों में कम वजन मिलने की शिकायतों के बाद बवाल मचा हुआ है। ये शिकायतें गुजरात शासन की कंपनियों गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल्स लि. (जी एन एफ सी) तथा गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल्स लि. (जी एस एफ सी) के खिलाफ पाई गई हैं। प्रदेश के किसानों तथा विपक्षी पार्टी कांग्र्रेस के नेताओं द्वारा की गई शिकायतों पर गुजरात शासन ने इन दोनों कम्पनियों के उर्वरक की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है। 

शासन ने ये प्रतिबंध कम्पनियों के डिपो से उर्वरक बिक्री पर लगाया है। गुजरात सरकार सूचना विभाग द्वारा जारी विज्ञाप्ति के अनुसार मुख्य सचिव श्री जे.एन. सिंह ने प्रतिबंध का आदेश देते हुए दोनों कम्पनियों के प्रबंध संचालकों से कहा है कि दोनों कम्पनियां अपने डिपो में रखे उर्वरकों के बैग की वजन की जांच करवायें  और इस प्रक्रिया की विडियोग्राफी भी  करवायें। कम्पनियों को संतुष्टिपूर्ण जांच प्रक्रिया के उपरांत ही उर्वरक बिक्री की अनुमति दी जायेगी।  शासन को कुछ दिनों पूर्व 50 किलो के डीएपी उर्वरक के बैग में 400 से 700 ग्राम तक कम उर्वरक मिलनेे की शिकायतें मिली थी।

जीएसएफसी का स्पष्टीकरण

जीएसएफसी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जीएनएफसी के जैतपुर स्थित डिपो से बेचे गये कुछ बैग के वजन में 400 ग्राम तक की कमी पाई गई है। जीएसएफसी में वजन मापने के लिये आधुनिक मशीनों का उपयोग होता है। फिर भी इस घटना की आंतरिक जांच की जा रही है। जीएनएफसी तत्काल ही डिपो पर वजन की मशीनों की स्थापना कर रही है। जिससे किसान वजन जांचने के उपरांत ही उर्वरक ले सकें।

 

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