इनोवेटिव फॉर्मिंग की मिसाल - फसलों को भी रास आया संगीत, बढ़ी उपज

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मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की बासौदा तहसील के युवा कृषक श्री शांतनु माथुर ने अपनी 90 बीघा जमीन में संगीत का प्रयोग कर उत्पादकता बढ़ाने का नया प्रयोग किया है। इसके साथ ही खड़ी फसलों को हिरणों से बचाने के लिए उन्होंने अपने खेतों में लाउडस्पीकर लगाकर ढोल-ढमाके भी बजाए, जिसके अच्छे परिणाम मिले।     

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की बासौदा तहसील के युवा कृषक श्री शांतनु माथुर ने संगीत का प्रयोग अपनी 90 बीघा जमीन में किया। खड़ी फसलों को हिरणों से बचाने के लिए शांतनु ने अपने खेतों में लाउडस्पीकर लगाकर ढोल-ढमाके बजाए। इसी दौरान उन्होंने कहीं जाना कि विदेशों में फसलों की उत्पादकता वृद्धि के लिए खेतों में संगीत का प्रयोग किया जाता है। तब उन्होंने लाउडस्पीकर के माध्यम से भजन देशभक्ति गीत का प्रसारण शुरू किया। 

वन्य जीव एवं पर्यावरण हितैषी युवा कृषक श्री शांतनु खेतों से जानवरों को भगाते भी हैं, वहीं हिरण के शावक को दूध पिलाते भी हैं। 

(सुनील गंगराड़े)

भोपाल। बैलों के गले में जब घुंघरू जीवन का राग सुनाते हैं, सुन के रहट की आवाजें यूँ लगे कहीं शहनाई बजे........1967 में बनी उपकार फिल्म का ये गीत आज भी भारत की खेती याने जीवन जीने का तरीका लिए मौजूद है हालांकि बैल अब कम हो गए है, रहट की जगह पंप लग गया है। याने संगीत खेतों से गायब हो गया। पर ऐसा नहीं है। ट्रैक्टर की खडख़ड़ाहट थ्रेशर की घर्रघराहट के बीच एक प्रयोगवादी किसान ने अपने खेतों में लाउडस्पीकर लगाकर फसलों को संगीत सुनाया, भजन सुनाए और गेहूं, चने का उत्पादन बढऩे का दावा किया। फसलों को गीत-संगीत सुनाने से गेहूं की सरसराहट, चने की चहचहाहट बढ़ गई और कानों में इसे घोलने लगी। 

वैसे पूर्व में ये शोध हो चुका है कि शास्त्रीय संगीत से पौधों पर सकारात्मक प्रभाव होता है और बढ़वार अच्छी होती पर रॉक संगीत उनकी सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता है। 

इसके साथ ही शांतनु किसानों को नरवाई ना जलाने की सलाह देते हैं। उन्होंने स्वयं अपने खेतों में नरवाई ना जलाते हुए रोटावेटर चलवाया है। रोटावेटर से खेतों की मिट्टी में नरवाई मिल जाती है और खाद में बदल जाती है।

जैविक खेती के प्रति उत्सुक 

अपने खेत में जैविक पद्धति अपनाने के लिए शांतनु माथुर आगामी खरीफ फसलों में रसायनिक कीटनाशक का प्रयोग नहीं करने का मन बना रहे है। खेतों में प्रकाश प्रपंच लगाकर मक्खियों को फसाएंगे ताकि इल्ली का प्रकोप न हो। 

कृषक जगत के नियमित पाठक 

कृषक जगत के नियमित पाठक हैं श्री शांतनु और कृषक जगत में विभिन्न विषयों की नवीन जानकारी का उपयोग अपने खेतों में करते हैं। आपने इस रबी में गेहूं की लोक 1 किस्म लगाई थी और 2 पानी देकर 12 क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन लिया। 

30 वर्ष के युवा शांतनु के पास 60 से ऊपर गाय भैंस है। बीए कर आप पिघले 7-8 वर्षों से खेती संभाल रहे है। और मानते है कि मौसम के मायाजाल  में कैद खेती की मौसम का साथ मिले तो फायदे का सौदा है। श्री शांतनु माथुर से बात करने के लिए आप मोबाइल करें - 9424490470

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