प्रदेश के मक्का किसानों को मिलेगा 412 करोड़ का भावान्तर

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चुनाव आयोग ने दी अनुमति

 

(अतुल सक्सेना)

भोपाल। लोकसभा की चुनावी सरगर्मी के बीच मप्र के मक्का किसानों को भावांतर भुगतान करने का रास्ता साफ हो गया है। चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को भावांतर भुगतान करने की अनुमति दे दी है, बशर्ते लाभार्थी किसानों की सूची में किसी नए हितग्राही को नहीं जोड़ा जाएगा। इस अनुमति से राज्य के 2 लाख 75 हजार से अधिक मक्का किसानों को 412 करोड़ रूपये से ज्यादा का भुगतान सरकार करेगी। 

प्रदेश के मक्का किसानों को उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से पिछली सरकार ने राज्य में फ्लैट भावान्तर भुगतान योजना की घोषणा की थी और सिर्फ कहा गया था कि 500 रूपये तक भावांतर राशि दी जाएगी। इस पर वर्तमान सरकार ने कैबिनेट बैठक में 250 रूपये प्रति क्ंिवटल के मान से फ्लैट भावांतर राशि देने का निर्णय लिया। कृषि विभाग ने प्रस्ताव बनाकर चुनाव आयोग को भेजा था, जिस पर आयोग ने अनुमति दी है। 

जानकारी के मुताबिक भुगतान के दायरे में वे किसान आएंगे जिन्होंने आचार संहिता लागू होने से पूर्व ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराया था। ऐसे किसानों की संख्या लगभग 3 लाख 73 हजार है इसमें से 2 लाख 75 हजार से अधिक किसानों ने मक्का बेचा लेकिन उन्हें उचित कीमत नहीं मिल पाई। 

ज्ञातव्य है कि केन्द्र सरकार ने 1700 रूपये प्रति क्विंटल मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। इस पर राज्य सरकार 250 रु. प्रति क्विंटल भावांतर राशि दे रही है। अनुमति मिलने के बाद शासन एवं प्रशासन हरकत में आया है। कृषि विभाग के अधिकारी जिलों को राशि आवंटन में जुटे हुए हैं। प्रदेश में चुनावी चरण की तिथि आने वाली है और सरकार की मंशा है कि इसके पूर्व ही भावांतर की राशि वितरित कर दी जाए।

जानकारी के मुताबिक गत 18 अप्रैल तक प्रदेश के समस्त जिलों को पोर्टल मांग अनुसार कुल 201 करोड़ 84 लाख रूपये से अधिक का आवंटन जारी कर दिया गया है तथा 178 करोड़ 32 लाख रूपये की राशि कोषालय ट्रांजेक्शन में है। इस प्रकार अब तक कुल 379 करोड़ से अधिक राशि कृषि विभाग द्वारा जारी कर दी गई है। इसमें सबसे अधिक छिंदवाड़ा जिले को 159 करोड़ एवं सबसे कम सतना जिले को मात्र 10 हजार रु. की राशि दी गई है। हालांकि राशि लाभांवित हितग्राहियों की संख्या पर निर्भर होती है। फिर भी इससे यह पता चलता है कि कौन से जिले के किसानों ने अधिक मात्रा में मक्का बेचा। उल्लेखनीय है कि खरीफ 2018 में प्रदेश के 13.61 लाख हेक्टेयर रकबे में मक्का बोया गया था तथा 49.25 लाख टन उत्पादन होने का अनुमान है। 

चना, मसूर और सरसों की खरीदी

प्रदेश में चना, मसूर और सरसों की खरीदी लगभग 8 हजार मीट्रिक टन हो चुकी है इसके लिए सरकार ने 697 खरीदी केन्द्र स्वीकृत किए हैं जो गत वर्ष से अधिक है। 

 

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