ऋणमाफी के सियासी जाल में उलझे किसान

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(विशेष प्रतिनिधि)

इंदौर। जय किसान ऋण माफ़ी योजना के तहत किसानों के दो लाख रुपए तक के ऋण माफ करने के मुद्दे पर किसानों का कहना है कि राज्य  सरकार ने प्रदेश के किसानों के साथ छल किया है, क्योंकि अधिकांश किसानों की ऋण माफी नहीं हुई है। सरकार ने किसानों को सियासी जाल में ऐसे उलझाया कि ऋण माफी तो हुई नहीं, बल्कि ऋण वसूली के लिए सहकारी समितियों और बैंकों की ओर से नोटिस भेजे जाने की बात भी सामने आ रही है। यह खुलासा कृषक जगत द्वारा किए गए सर्वे में सामने आया है।

कृषक जगत की  इंदौर संभाग के ग्रामीण क्षेत्र के किसानों से हुई चर्चा में यह निष्कर्ष निकला कि अधिकांश किसानों का ऋण माफ नहीं हुआ है। हालांकि कतिपय किसानों ने ऋण माफी की बात  स्वीकारी है, जबकि सरकार द्वारा पहले चरण में करीब 25 लाख किसानों का ऋण माफ करने का दावा किया जा रहा है। ऋण माफी के विश्लेषण से यह बात स्पष्ट हुई कि सरकार ने सीमांत किसानों, वर्षों से कालातीत ऋणी किसानों के दो लाख तक और नियमित ऋणी किसानों को अधिकतम 49 ,999 /- रुपए तक की ऋण माफी दी है।

मौलाना (उज्जैन) के किसान श्री गोवर्धन लाल मदनलाल पाटीदार ने बडऩगर तहसील की सहकारी समितियों में धांधली होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जांच हो तो कई कर्मचारी निलंबित होंगे। मिसाल के तौर पर उन्होंने किसान राजू पिता मानसिंह का जिक्र किया जिसकी मात्र 8 बिस्वा ज़मीन पर 54 हजार का कर्ज बता दिया, जबकि इतनी कम भूमि पर ऋण दिया ही नहीं जा सकता है। गोवर्धन पर करीब दो लाख का ऋण बाकी है। पाटीदार के अनुसार क्षेत्र के कुछ किसानों के 17  से 45  हजार तक के ऋण माफ़ हुए हैं। सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी गई है। उधर, गुर्जरखेड़ी (खंडवा) के श्री अनिल डोंगर सिंह पंवार के 1,30,000  के ऋण के विरुद्ध सोसायटी ने मात्र 19  हजार का ऋण माफ किया है। जबकि पिपलूद (बड़वानी) के श्री रमेश ओंकार यादव ने कहा कि ऋण माफी के प्रमाणपत्र तो दे दिए लेकिन ऋण माफ नहीं हुआ। श्री नरेंद्र दवे जामली (झाबुआ) इस बात से चिंतित हैं कि 4 लाख  का लोन माफ नहीं होने से अब खरीफ के लिए कौन ऋण देगा। इस सरकार ने किसानों को उलझा दिया है। श्री विष्णु पंवार खातेगांव के 70  हजार के ऋण पेटे 8466 रुपए माफ हुए हैं। उनके अनुसार सरकार किश्तों में ऋण माफ करेगी।

हैरान करने वाली बात तो यह है कि राज्य के कृषि मंत्री श्री सचिन यादव के विधानसभा क्षेत्र कसरावद के किसान ऋण माफी से वंचित रहे। श्री गणेश राजाराम पाटीदार पर बैंक का ढाई लाख और श्री भरत  केवट सायता का सोसायटी का दो लाख का कर्ज बाकी है। खाता ओवरड्यू हो गया है। मुलठान के किसान श्री केशरी लाल गजानंद का 90  हजार का वह ऋण बाकी है, जो पिछला चुका कर नया कर्ज लिया था। खरगोन जिले के अन्य किसान अनिल हीरालाल वर्मा (बरुड़) का 1,05,000 रुपए का बैंक का ऋण बाकी है। ऋण माफी के इस दौर में बडूद के किसान श्री मोहनलाल मुछाला ने दार्शनिक अंदाज में कहा कि ऋण माफी अभी तो नहीं हुई। हल चलाने वाला किसान लोगों को खिलाता है। आज नहीं तो कल ऋण माफी हो जाएगी। 

कृषक जगत की पड़ताल

इसी तरह संदला (धार ) के जगदीश भेरूलाल पाटीदार  पर 70,000, रूनीजा (उज्जैन) के श्री कारूलाल नागूलाल पर एसबीआई का 1,07,000, घुसुण्डी बामनी (नीमच) के श्री बसंतीलाल नन्दलाल शर्मा पर 70,000, श्री महेंद्र सिंह शंकर सिंह राठौर धाराखेड़ी (मंदसौर) पर 90,000 और सुखलिया (देवास) के श्री बाबूलाल मुरारीलाल पटेल पर सवा लाख रुपए का ऋण बकाया है। श्री शांतनु पाटीदार बुरहानपुर पर 1,94,000 बाकी है। बैंकों ने नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। लोकेश पाटीदार जामली (इंदौर) ने ऋण माफी को दिखावा बताया और कहा कि किसानों का ऋण ओवरड्यू हो गया है। जिसे ब्याज सहित भरना पड़ेगा। यह ब्याज कौन देगा। बैंक वाले वसूली के लिए तकादा कर रहे है। जबकि दूसरी ओर सरकार द्वारा आचार संहिता लगने से किसानों को संदेश भेजा गया कि लोकसभा चुनाव बाद ही अब ऋण माफी हो पाएगी। इससे किसानों में संशय बना हुआ है कि अप्रैल माह में खरीफ के लिए फिर से ऋण मिल पाएगा कि नहीं।

इस आधी अधूरी ऋण माफ़ी के कारण नियमित किसान भी ओवरड्यू हो गए। इसके अलावा जिन किसानों का ऋण माफ नहीं हुआ है, वे सहकारी समितियों का ऋण चुकाए बगैर खाद भी नहीं ले सकेंगे। खाद लेने वाले इच्छुकों को अपना ऋण चुकाना ही पड़ेगा। जबकि उन्हें सोयाबीन का बोनस भी अभी तक नहीं मिला है। गेहूं की राशि भी बैंक के खाते में जाएगी। इसलिए किसान गेहूं को नकद बेचने की सोच रहे हैं, ताकि राशि नकद मिल सके। अब आचार संहिता लग जाने के बाद बैंक भी स्वतंत्र हो गई है। वह किसानों से वसूली भी कर सकती है। इस ऋण माफी ने किसानों को अजीब तरीके से उलझा दिया है।  

इस सम्बन्ध में जिला सहकारी बैंक खरगोन के महाप्रबंधक श्री मुकेश बार्चे ने कृषक जगत को बताया कि ऋण माफी में जो किसान अपात्र पाए गए हैं, उन्हें तो अपना बकाया ऋण जमा करना ही है। इसके लिए अलग से नोटिस नहीं भेजे जाएंगे। ऋण जमा करने की अवधि भी बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है। चरणबद्ध तरीके से ऋण माफी की जा रही है। खरगोन जिले में 24 करोड़ और बड़वानी जिले में 19 करोड़ की राशि ऋणी किसानों के खाते में जमा की गई है।    

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