2018-19 की दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी के अनुमान

चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत

 

नई दिल्ली। केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने चालू वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितम्बर) के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान स्थिर मूल्यों (2011-12) और वर्तमान मूल्यों दोनों पर ही जारी कर दिए हैं। 

स्थिर (2011-12) मूल्यों पर अनुमान

वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में स्थिर (2011-12) मूल्यों पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बढ़कर 33.98 लाख करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में यह 31.72 लाख करोड़ रुपये आंका गया था। यह स्थिर मूल्यों पर जीडीपी में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में बुनियादी स्थिर मूल्यों (2011-12) पर तिमाही जीवीए (सकल मूल्य वद्र्धित) के बढ़कर 31.40 लाख करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान लगाया गया है, जो वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में 29.38 लाख करोड़ रुपये था। यह 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है।

विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि दरें 
कृषि, वानिकी एवं मत्स्य पालन 2.8 प्रतिशत
खनन एवं उत्खनन 20.7 प्रतिशत
विनिर्माण  12.2 प्रतिशत
विद्युत,गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाएं 16.3 प्रतिशत
निर्माण  13.2 प्रतिशत
व्यापार, होटल, परिवहन एवं संचार 12.3 प्रतिशत
वित्तीय, अचल संपत्ति एवं प्रोफेशनल सेवाएं  12.5 प्रतिशत
लोक प्रशासन, रक्षा एवं अन्य सेवाएं 16.1 प्रतिशत

जिन क्षेत्रों ने वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में 7.0 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि दर दर्ज की है उनमें 'विनिर्माण', 'विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाएं', 'निर्माण' एवं 'लोक प्रशासन, रक्षा एवं अन्य सेवाएं' शामिल हैं। 'कृषि, वानिकी एवं मत्स्य पालन', 'खनन एवं उत्खनन', 'व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं प्रसारण से जुड़ी सेवाओं' और 'वित्तीय,अचल संपत्ति एवं प्रोफेशनल सेवाओं' की वृद्धि दर क्रमश: 3.8, (-) 2.4, 6.8 और 6.3त्न रहने का अनुमान लगाया गया है।

वर्तमान मूल्यों पर अनुमान

सकल घरेलू उत्पाद

वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में वर्तमान मूल्यों पर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के बढ़कर 45.54 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है, जो वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में 40.68 लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी। यह 12.0 फीसदी की वृद्धि दर दर्शाती है। वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में बुनियादी वर्तमान मूल्यों पर जीवीए के बढ़कर 41.46 लाख करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान लगाया गया है, जो वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में 37.03 लाख करोड़ रुपये था। यह 12.0 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 
 

कृषि, वानिकी एवं मत्स्य पालन में 
वृद्धि दर घटी

वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में बुनियादी मूल्यों पर 'कृषि, वानिकी एवं मत्स्य पालन' सेक्टर की तिमाही जीवीए वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में यह वृद्धि दर 2.6 प्रतिशत थी। कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण एवं विभाग से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार कृषि वर्ष 2018-19 के खरीफ सीजन के दौरान खाद्यान्न उत्पादन में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि वर्ष 2017-18 की समान अवधि में यह दर 1.7 प्रतिशत आंकी गई थी।

 

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