पशुपालन

मछली पालन रोजगार का जरिया

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मछली पालन मिश्रित मछली पालन- मिश्रित मछली पालन व्यवसाय, बेरोजगार युवकों के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार करने हेतु एक महत्वपूर्ण साधन है। मिश्रित मछल..

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दुधारू पशुओं में जेर का रुकना एक गंभीर समस्या

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पशुओं में ब्यांत के पश्चात जेर का  रुकना एक गंभीर और आम समस्या है जिसके कारण पशु तथा पशुपालक दोनों को हानि होती होती है। जेर रुकने की समस्या मुख्यत: दुधारू पशुओं में अधिक देखने को मिलती है। ..

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बकरियों का पौष्टिक आहार

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बकरी एक रोमंथी पशु हैं। उसके खानपान की आदतें अन्य पश्ुाओं से भिन्न होती हैं। वह खोजी स्वभाव की होती हंै अत: जंगल में चराई हेतु भेजने पर दौड़ती रहती हैं। उसे घांस के मुकाबले पेड़ तथा खंखाड की पत्तियां..

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प्रो-बायोटिक्स का कुक्कुट पालन में महत्व

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वर्तमान में कुक्कुट पालन में गहन उत्पादन दवाब जैसे परिवहन, अतिनिकटता, अव्यस्थित वायुदाब, भोज्य विषाकतता के कारण आंत्र जैविकों की कार्य क्षमता पर प्रभाव पड़ता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इस दशा में आंत्र के ..

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दुधारु गाय एवं भैंसों में प्रजनन प्रबंधन

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पशुओं की प्रजनन क्षमता उनके आर्थिक उत्पादन का मुख्य आधार है प्रजनन संबंधी समस्याओं के कारण पशु पालकों को पशु ब्यांत का अन्तराल बढऩे से काफी हानि उठानी पड़ती है अत: पशुओं से अधिकाधिक आर्थिक लाभ लेने के लिए आवश्यक है कि उन्नत न..

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दूध उत्पादन में संतुलित आहार का महत्व

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संतुलित पशु आहार – ऐेसा आहार जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व एक उचित अनुपात उचित मात्रा में मिलाये जाते हैं। संतुलित पशु आहार बनाने के लिये उच्च गुणवत्ता के अनाज ग्वारमील, अनाज भूसी, शीरा, नमक, खनिज लवण तथा विटामिनों का ..

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संतुलित पशु आहार एवं उपयोगिता

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आहार स्वादिष्ट एवं सुपाच्य हो। आहार स्वच्छ, पौष्टिक एवं सस्ता हो। यह विषैला, सड़ा-गला, दुर्गंध युक्त व अखाद्य पदार्थो से मुक्त हो। आहार आसानी से उपलब्ध, स्थानीय आहार अवयवों के उपयोग से बनाया जाना चाहिए ताकि सस्ता भी ह..

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कड़कनाथ मुर्गीपालन से आय दूनी कैसे करें

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कड़कनाथ प्रमुखत: पश्चिम मध्यप्रदेश के झाबुआ और धार जिले के आदिवासी लोगों द्वारा पाला जाने वाला पक्षी है। इस मुर्गे का रंग पूरी तरह काला होता है और इसका मांस काला होने के कारण इसे कालामासी भी कहते हैं। यह मुर्गे आदिवासी प्रजात..

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बरसात में – पशुओं की देखभाल ऐसे करें

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रोजाना सबेरे-शाम दुग्धशाला के सारे पशुओं को बाडे के आंगन में निकाले और उनका बारीकी से निरीक्षण करें। जो पशु सुस्त दिखाई दें उसे अलग करें और पशुओं के डाक्टर द्वारा उसकी जांच करवाकर उसका उचित इलाज करवाये तथा दवा दे। पशुओं के चलने क..

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हरे चारे के लिए ज्वार लगायें

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ज्वार की बहुवर्षीय साल भर हरा चारा देने वाली किस्म सी.ओ.एफ.एस.-29 का विकास तमिलनाडु कृषि वि.वि.,कोयम्बटूर द्वारा वर्ष 2003 में किया गया। ज्वार की इस किस्म से वर्ष में 5 से 6 कटाई 60 दिनों के अंतराल पर वर्ष भर लिया जा सकता है। इसकी पत्ती एव..

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