तकनीकी कृषि कार्यमाला

जायद की सूरजमुखी

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जलवायु: प्रकाश अवधि का इसकी वृद्धि व विकास पर कोई अंतर नही पड़ता क्योंकि अप्रदीप्तिकाल पौधा है। इसी लिए इसे तीनों ऋतु में खरीफ, रबी एवं बसंत में आसानी सें उगाया जा सकता है। भूमि एवं खेत की तैयारी..

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फसलों को पाले से बचाव के लिए किसानों को सलाह

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भोपाल। संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री मोहनलाल ने प्रदेश के किसानों को सलाह दी है कि कुछ क्षेत्रों में तापमान 4 डिग्री से कम रह सकता है। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से कम होने की स..

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ग्लेडियोलस से होगा किसानों को लाभ

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ग्लेडियोलस की 260 प्रजातियां पाई जाती है। इसे लिली तलवार भी कहा जाता है। ये फूल एशिया, यूरोप, दक्षिण अफ्रीका और उष्ण कटिबंधीय अफ्रीका में पाया जाता है। ग्लेडियोलस का उपयोग गुलदस्ते बनाकर शादी, पार्टी आदि अनेक प्रकार के क..

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लाख से बनें लखपति

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लाख का उपयोग  लाख का उपयोग विद्युत कुचालक वार्निश, फलों एवं दवाओं पर कोटिंग, पॉलिश, सजावट की वस्तुएं, रंगाई, सील, श्रृगांर के प्रसाधन इत्यादि में किया जाता है। लाख के पोषक वृक्ष..

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प्लग-ट्रे तकनीक - कद्दूवर्गीय सब्जियों की नर्सरी लगाने के सुरक्षित उपाय

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प्लास्टिक टे्र अथवा प्लग टे्र क्या है ? प्लग टे्र प्लास्टिक से निर्मित टे्र नुमा आकार की होती है जिसमें अनेक प्लग (गहरे सेल) बने होते हैं। प्रत्येक प्लग (सेल) में एक पौध उगाई जाती है। इनमें मृदा विहीन..

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भ्रमण कृषि विस्तार सेवाओं में डिप्लोमा

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भोपाल। जिले में चल रहे कृषि विस्तार सेवाओं में डिप्लोमा (डीएईएसआई) के प्रथम बेंच के सभी प्रशिक्षणार्थियों (नोडल प्रशिक्षण संस्था-ईएडी यूरोपियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स इण्डस्ट्रीज भोपाल) ने अपनी तकनीकी योग्यता बना..

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महिला किसानों की उपलब्धियां

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किसान ही नहीं सफल उद्यमी भी हैं श्रीमती स्वर्णा तिजारे  ग्राम बोरीखुर्द, वि.खं. बरघाट जिला सिवनी की सफल किसान हैं श..

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खरगोन के किसानों ने मक्का का बम्पर उत्पादन किया

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80 क्विं. प्रति हेक्टेयर तक हुई खरगोन। जिले में इस वर्ष किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने रबी फसलों का 2 लाख 66 हजार हेक्टेयर क्षेत्..

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मालवी गेहूं की नई किस्में

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मध्य भारत का मालवांचल अपने परम्परागत मालवी/कठिया (ड्यूरम) या सूजी वाले गेहूं के लिये सदियों से प्रसिद्व है। मध्य भारत में गेहूं पकने के समय वायुमंडलीय आद्र्रता कम होने से, यहां पर विश्व स्तर के गुणों वाला, धब्बों रहित, च..

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गेहूं की शून्य जुताई से करें बुवाई

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जीरोटिलेज क्यों और कैसे: अनुसंधान से यह पाया गया है कि अगर गेहूं की बुवाई 25 नवंबर के बाद करते हैं तो प्रतिदिन 25-30 किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर उपज में कमी आती है। इसके साथ-साथ खेत को तैयार करने के लिए होने वाले खर्च को भ..

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