रिलायंस फाउण्डेशन

रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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सोयाबीन, मक्का, उड़द एवं अन्य खरीफ फसलों की निंदाई, डोरा (कुल्पा) चलाएं या नींदानाशकों द्वारा बुआई से 45 दिनों तक खरपतवार मुक्त रखें। सोयाबीन की 15-20 दिन की फसल में खरपतवार नियंत्रण हेतु उपयोगी खरपतवारनाश..

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रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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सोयाबीन बीज को ट्राइकोडर्मा विरिडी (5 ग्राम/कि.ग्रा.बीज) से बीजोपचार के बाद अच्छी गुणवत्ता वाले जीवाणु कल्चर रायजोबियम (5 ग्राम/कि.ग्रा. बीज) एवं पीएसबी कल्चर (5 ग्राम/कि.ग्रा. बीज) से बीज को उपचारित कर बोवनी करें। ..

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रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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सोयाबीन की बुवाई हेतु उन्नत किस्मों का चयन करें, माध्यम अवधि 95-100 दिन में पकाने वाली किस्में जेएस-335, 97-52 तथा अगेती अवधि 85-95 दिन में पकाने वाली किस्मे जेएस-95-60, जेएस-93-05, जेएस-20-29, जेएस-20-34 एवं एनआर-86 को क्षेत्रीय अनुकूलता के अनुस..

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रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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सोयाबीन में आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति हेतु खेत की तैयारी के समय अंतिम बखरनी के पूर्व अच्छी सड़ी गोबर खाद 10 टन या मुर्गी खाद 2.5 टन/हे. के हिसाब से खेत में फैलाकर अंतिम बखरनी करें। सोयाबीन की बोवनी हेतु ..

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रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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फसल उत्पादन में स्थिरता की दृष्टि से 2 से 3 वर्ष में एक बार खेत की गहरी जुताई करना लाभप्रद होता है, अत: जिन किसान भाईयों ने खेत की गहरी जुताई नहीं की हो, कृपया अवश्य करें। उसके बाद बक्खर/कल्टीवेटर एवं पाटा चलाकर खेत को तै..

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रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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खरीफ फसलों की बोनी के लिए आवश्यक आदान जैसे बीज, उर्वरक, खरपतवारनाशक, फफूंदनाशक, जैविक कल्चर आदि की व्यवस्था, विश्वसनीय संस्थाओं से अभी से सुनिश्चित कर लें। सोयाबीन में पीले मोजाईक रोग के रोकथाम हेतु म..

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रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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तीन साल में एक बार गहरी जुताई माह अप्रैल-मई में अवश्य करें। उसके बाद बक्खर एवं पाटा चलाकर खेत की तैयारी करें। पूर्णत: सड़ी हुई गोबर की खाद (10 टन/हे.) या मुर्गी की खाद (2.5 टन/हे.) की दर से मानसून पूर्व वर्षा होने के पश्चात एव..

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ग्रीष्मकालीन मूंग एवं सब्जीवर्गीय फसलों में सफेद मक्खी एवं रसचूसक कीटों के प्रकोप होने से फसलों की पत्तियां सिकुड़ी हुई दिखाई देती हैं। इनके द्वारा पीला मोजेक वाइरस फैलता है। इसके नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोप्रि..

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रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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मिट्टी में पोषक तत्वों के स्तर की जांच करके फसल एवं किस्म के अनुसार तत्वों की संतुलित मात्रा का निर्धारण कर खेत में खाद एवं उर्वरक मात्रा की अनुशंसा के लिये मिट्टी परीक्षण आवश्यक है।  मिट्टी परीक्ष..

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रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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मूंग, उड़द में रसचूसक कीट के नियंत्रण हेतु थायोमिथाक्सिन दवा 0.3 ग्राम प्रति लीटर का घोल बनाकर छिड़काव करें। रबी फसल की कटाई के उपरांत खेत की रिवर्सिवल प्लाऊ (मिट्टी पलटने वाला हल) से 10 इंच गहरी जुताई करे..

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