सही जानकारी मिले तो छोटे किसान जलवायु परिवर्तन के नुकसान से निपट सकते हैं : बिल गेट्स

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सरकार की योजनाओं को साकार करने में कृषि आंकड़े महत्वपूर्ण : श्री तोमर

नईदिल्ली। बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह अध्यक्ष श्री बिल गेट्स ने कृषि सांख्यिकी (आईसीएएस-VIII) के 8वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि ''आज के समय में जब हमें उत्पादन और भोजन की उपलब्धता बढ़ाने की आवश्यकता है, जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती है। इस चुनौती का सामना करने के लिए सांख्यिकीविद जो काम करते हैं, वह बहुत महत्वपूर्ण है। यह समझना कि जलवायु परिवर्तन फसलों को कैसे प्रभावित कर रहा है, और हम उत्पादन के लिए इन परिवर्तनों को कैसे अपना सकते हैं और अनुकूल बना सकते हैं, इसके लिए नए डिजिटल उपकरणों के उपयोग सहित सर्वोत्तम आंकड़ों की आवश्यकता है। यहां हर कोई, बदलती जलवायु के अनुकूल और निश्चित रूप से दुनिया के सबसे गरीब किसानों को सभी उपलब्ध जानकारी उपलब्ध कराने के मानवीय प्रयासों का हिस्सा है

नए बीज गरीब किसानों तक पहुंचे
श्री गेट्स ने कहा ''जलवायु परिवर्तन जटिल है और विभिन्न जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप नए बीज विकसित करने सहित विभिन्न हस्तक्षेपों को सीखने की आवश्यकता और इन्हें सबसे गरीब किसानों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए। श्री गेट्स ने कहा कि पूरी दुनिया की 7 अरब आबादी में से छोटे किसानों की संख्या दो अरब से ज्यादा है। यह एक विशाल समूह है जिसे मदद की आवश्यकता है। आज जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए ' नए किस्म के बीजों और विशेष रूप से उपलब्ध बीजों को विकसित करने में निवेश को दोगुना करने की आवश्यकता है।ÓÓ  

देश की समृद्ध परम्परा
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत के लिए अकादमिक महत्व वाले इस सम्मेलन की मेजबानी करने का यह एक अनूठा और महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन विदेशी प्रतिनिधियों के लिए देश की समृद्ध सांख्यिकीय परंपरा, समृद्ध संस्कृति और विविधता के बारे में जानने और सीखने का अवसर होगा। उन्होंने कहा कि साथ ही यह भारतीय पेशेवरों को वैश्विक विशेषज्ञों के साथ विचार साझा करने और इस क्रम में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। चार दिवसीय यह सम्मेलन सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन, आईएसआई-सीएएस, एफएओ, यूएसडीए, एडीबी, विश्व बैंक, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, यूरोस्टेट, एफएफडीबी और विभिन्न अन्य संगठनों के सहयोग से आयोजित किया गया है। 
इस बार सम्मेलन का विषय ''सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सांख्यिकी के माध्यम से कृषि में सुधारÓÓ है। यह सम्मेलनों की एक ऐसी श्रृंखला है जो 1998 में दुनिया भर में कृषि डेटा की जरूरत को महसूस करते हुए शुरू की गई थी। यह सम्मेलन हर तीन साल में दुनिया भर में कृषि संबंधी आंकड़ों की आवश्यकता के आधार पर आयोजित किया जाता है। पिछला सम्मेलन 2016 में रोम में आयोजित किया गया था। सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिनमें वरिष्ठ कृषि सांख्यिकीविद्, अर्थशास्त्री और शोधकर्ता शामिल हैं।

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