इस वर्ष प्रदेश में कस्टम हायरिंग के 255 केन्द्र खुलेंगे

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 केन्द्रों में अब 9 यंत्र रखना जरूरी

(अतुल सक्सेना)
भोपाल। प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसान किराए पर ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्र लेकर अपनी खेती से बेहतर उत्पादन ले सकें तथा अपनी आय में वृद्धि कर सकें इसी उद्देश्य को लेकर राज्य में कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जा रहे हैं। यह योजना प्रदेश में 2012 से लागू की गई हैं। इस वर्ष 2019-20 में 255 नए केन्द्र खोलने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें 7 यंत्रों की जगह 9 यंत्रों की खरीदी अनिवार्य की गई है। केन्द्र खोलने के लिए आवेदन आमंत्रित कर लिए गए हैं। यह जानकारी कृषि अभियांत्रिकी के संचालक श्री राजीव चौधरी ने कृषक जगत को एक विशेष मुलाकात में दी।

श्री चौधरी ने बताया कि विगत 7 वर्षों में प्रदेश में 2800 कस्टम हायरिंग केन्द्र खोले गए हैं जो सफलता पूर्वक चल रहे हैं। इस वर्ष 255 नए केन्द्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि एक केन्द्र की अधिकतम लागत 25 लाख रूपये होती है इसमें शासन द्वारा 10 लाख रूपये बैक एडेड सब्सिडी दी जाती है।

संचालक ने बताया कि इस वर्ष से कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापना की योजना में संशोधन किया गया है। अब कस्टम हायरिंग केन्द्रों में 7 की जगह 9 यंत्रों को रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में ट्रैक्टर, प्लाऊ, रोटावेटर, कल्टीवेटर या डिस्क हेरो, सीड कम फर्टिलाईजर ड्रिल या जीरो टिल सीड कम फर्टिलाईजर ड्रिल, टै्रक्टर चलित थ्रेशर या स्ट्रारीपर एवं रेज्ड वेज्ड प्लांटर अथवा राईस ट्रांसप्लांटर एक-एक प्रत्येक केन्द्र पर रखना अनिवार्य था, परन्तु अब प्राथमिक प्रसंस्करण से सम्बंधित मशीनें टैै्रक्टर चलित क्लीनिंग ग्रेडिंग प्लांट एवं डि-स्टोनर भी रखना होगा। श्री चौधरी ने बताया कि भारत सरकार के मापदण्ड के मुताबिक क्लीनिंग ग्रेडिंग प्लांट की न्यूनतम क्षमता 1000 किलो ग्राम प्रति घंटा तथा डि-स्टोनर की क्षमता 1500 किलो ग्राम प्रति घंटा होनी चाहिए, साथ ही यह यंत्र भारत सरकार के अधिकृत संस्थानों से परीक्षित तथा म.प्र. कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय में पंजीबद्ध होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि किसान अपने केन्द्र पर दोनों नए यंत्र नहीं रखना चाहता तो उसे शासन से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने बताया कि लगभग 26 कृषि यंत्र किसानों की सुविधा के लिए ऐच्छिक रूप से भी रखे गए हैं। इन 9 यंत्रों के अलावा यदि प्रोजेक्ट की लागत सीमा तक राशि शेष रहती हैं तो 26 ऐच्छिक यंत्रों में से कोई भी यंत्र किसान अपने कस्टम हायरिंग केन्द्र के लिए क्रय कर सकते हैं। 

संचालक अभियंत्रिकी ने बताया कि इस वर्ष 255 कस्टम हायरिंग केन्द्रों में सामान्य के लिए 140, अनुसूचित जाति के लिए 50 तथा अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए 65 केन्द्र आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग के कृषकों को लागत का 40 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। राज्य के सभी 51 जिलों में 5-5 केन्द्र खोले जाएंगे।

(अधिक जानकारी के लिए www.krishakjagat.org पर लाग इन करें।)

एच्छिक कृषि यंत्र एवं मशीन
1 रेज्ड बेड प्लान्टर 
2 जीरो टिलेज सीड ड्रिल
3 गार्लिक प्लान्टर 
4 वेजीटेबल प्लान्टर 
5 पोटेटो प्लान्टर 
6 शुगरकेन कटर-प्लान्टर 
7 मल्टीकाप प्लान्टर 
8 टै्रक्टर माउन्टेड रीपर
9 कॉटन पीकर
10 टै्रक्टर माउन्टेड स्प्रेयर
11 पावर स्प्रेयर
12 ऐरो ब्लास्ट स्प्रेयर
13 लेजर लेण्ड लेवलर
14 स्ट्रारीपर
15 सीड ग्रेडर 
16 पावरटिलर
17 सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर
18 रीपर कम बाइन्डर
19 राईस ट्रांसप्लान्टर
20 पावर वीडर
21 पोटेटो डिगर
22 मेज शेलर (पावर ऑपरेटेड)
23 एक्सियल फ्लो पेडी थ्रेसर
24 हैप्पी सीडर
25 रोटरी प्लाउ
26 डोजिंग अटैचमेंट
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