प्रदेश में 94 करोड़ के टर्फा कार्यक्रम से बढ़ेगा दलहन-तिलहन उत्पादन

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रबी 2019-20 में - धान बाहुल्य 7 जिले चयनित

(अतुल सक्सेना)

भोपाल। म.प्र. के दलहन-तिलहन उत्पादक किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार कृषि मंत्रालय के फसल विस्तार निदेशालय ने धान बाहुल्य जिलों में नमी का भरपूर उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है जिससे दलहनों के आयात में कमी आए और देश आत्मनिर्भर बन सके। इसके लिए भारत सरकार द्वारा म.प्र. के धान बाहुल्य जिलों में टारगेटिंग राईस फेलो एरिया (टर्फा) कार्यक्रम के माध्यम से रबी 2019-20 में दलहनी एवं तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। 94 करोड़ के इस कार्यक्रम से 1 लाख 17 हजार हेक्टेयर रकबे में धान कटाई के बाद दलहन-तिलहन की फसलें ली जाएंगी।

उपरोक्त जानकारी देते हुए भारत सरकार के दलहन विकास निदेशालय के निदेशक डॉ. ए.के. तिवारी ने कृषक जगत को बताया कि निदेशालय  के प्रयासों और कृषि विभाग के समन्वय से म.प्र. को यह कार्यक्रम मिला है। प्रदेश के 7 धान बाहुल्य जिलों में धान कटाई के बाद उपलब्ध नमी का उपयोग कर रबी में टर्फा कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। डॉ. तिवारी ने बताया कि 94 करोड़ 52 लाख के इस टर्फा कार्यक्रम में केन्द्रांश 60 एवं राज्यांश 40 फीसदी होगा। इस कार्यक्रम में 4 घटक रखे गए हैं, इसके तहत चना एवं मसूर में उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन, एवं प्रमाणित बीजों का वितरण, पौध एवं स्वाईल संरक्षण प्रबंधन, कृषि उपयोगी उपकरण एवं यंत्र तथा जल प्रबंधन उपयोगी यंत्र शामिल है। उन्होने बताया कि इन जिलों में फसल सघनता को बढ़ाते हुए दलहन-तिलहन उत्पादन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

निदेशक ने बताया कि म.प्र. के इन सात जिलों में लगभग 9 लाख 47 हजार हेक्टेयर धान का रकबा है। इसमें फैलो एरिया लगभग 5 लाख 58 हजार हेक्टेयर है इसमें से 1 लाख 17 हजार हेक्टेयर टर्फा के तहत कवर किया जाएगा।

उन्होने बताया कि बालाघाट जिले मे सबसे अधिक 33.5 हजार हेक्टेयर में एवं सीधी जिले में सबसे कम 8.5 हजार हेक्टेयर में कार्यक्रम लिया जाएगा। इसके अलावा सिवनी जिले में 18.7 हजार हेक्टेयर में, मण्डला में 17.4, शहडोल में 14.8, अनूपपूर में 15 एवं डिण्डोरी जिले में 9.17 हजार हेक्टेयर में संचालित होगा।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश में रबी दलहनी फसलों का सामान्य क्षेत्र 38.62 लाख हेक्टेयर तथा रबी तिलहनी फसलों का सामान्य क्षेत्र 7.75 लाख हेक्टेयर है। 

गत वर्ष रबी में चना 33.97 लाख हेक्टेयर में एवं मसूर 5.22 लाख हेक्टेयर में बोई गई थी। वहीं तिलहनी फसलों में सरसों 7.85 लाख हेक्टेयर में एवं अलसी की बोनी 1.52 लाख हेक्टेयर में की गई थी। प्रदेश में इस वर्ष खरीफ 2019 में धान 24.60 लाख हेक्टेयर में लगाई गई है।
 

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