अन्नदाताओं का जीवन अब सुरक्षित : प्रधानमंत्री

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रांची/मथुरा। कृषि एवं ग्रामीण विकास तथा किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए चिंतित देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गत दिनों रांची में प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना का शुभारम्भ किया तथा उन्होंने कहा कि इससे अन्नदाताओं का जीवन अब सुरक्षित होगा तथा उन्हें 60 वर्ष की आयु के पश्चात पेंशन मिलेगी। इसी प्रकार मथुरा में देश के पशुधन को स्वस्थ रखने के लिए उन्होंने राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण और राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की शुरुआत की जिसके तहत 60 करोड़ से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जायेगा। इस कार्यक्रम के लिए 12652 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इसमें पशुओं के खुरपका और मुंहपका रोग तथा ब्रूसेलोसिस के नियंत्रण के उपाय भी किए जाएंगे।

'प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना' का शुभारंभ

किसानों का जीवन सुरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गत दिनों झारखंड की राजधानी रांची में प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना का शुभारंभ किया। इस योजना से 5 करोड़ लघु और सीमांत किसानों का जीवन सुरक्षित होगा। ऐसे किसानों को 60 वर्ष की आयु होने पर न्यूनतम 3000 रुपये प्रति माह पेंशन उपलब्ध करायी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने व्यापारियों और स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना भी शुरू की। इस योजना का उद्देश्य छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों को 60 वर्ष की आयु होने पर न्यूनतम 3000 रुपये प्रति माह पेंशन उपलब्ध करायी जाएगी। इस योजना से लगभग 3 करोड़ छोटे व्यापारी लाभान्वित होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आपकी आकांक्षाओं को पूरा करने वाला एक मजबूत सरकार का चुनावी वादा था। मैंने कहा था कि नई सरकार के गठन के बाद देश के हर किसान परिवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। आज देश के लगभग साढ़े छह करोड़ किसान परिवारों के खातों में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है। झारखंड के ऐसे 8 लाख किसान परिवार हैं, जिनके खाते में लगभग 250 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।

प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना

प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (पीएम-केएमवाई) के लिए रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हो गया है। इस योजना में शमिल किसानों को 60 साल की आयु पूरी करने पर 3,000 रुपये महीने की पेंशन मिलेगी। अगर किसान की मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी को 1,500 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी। 

जिस किसान के पास दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि होगी वे इस योजना के पात्र होंगे। 18 से 40 वर्ष की आयु के किसानों के लिए यह एक स्वैच्छिक और योगदान आधारित पेंशन योजना है। इस योजना को छोटे किसानों के लिए बनाया गया है और इसलिए इसमें जमीन की सीमा है। पीएम-केएमवाई का प्रारंभिक नामांकन का काम 'साझा सेवा केंद्रÓ (सीएससी) के माध्यम से किया जा रहा है।  किसानों के नामांकन का काम नि: शुल्क है। सीएससी प्रत्येक नामांकन के लिए 30 रुपये का शुल्क लेगा जिसका बोझ सरकार वहन करेगी। 60 साल की उम्र तक पेंशन कोष में किसानों को योजना में शामिल होते समय उनकी उम्र के आधार पर 55 से 200 रुपये का मासिक योगदान देना होगा। 18 वर्ष की आयु में योजना में शामिल होने वाले किसान को 55 रुपये और 40 की उम्र में योजना में आने वाले किसान को 200 रुपये की मासिक किस्त देनी होगी। उनके योगदान के बराबर ही सरकार भी अपनी ओर से योगदान देगी।

 

 

पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम की शुरूआत

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गत दिनों देश में पशुओं के खुरपका और मुंहपका रोग (एफएमडी) और ब्रूसेलोसिस के नियंत्रण और उन्मूलन के लिए मथुरा में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम की शुरूआत की।

पूर्णत: केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम की व्यय राशि 12652 करोड़ रुपये है। इन दोनों बीमारियों में कमी लाने के प्रयास के तहत देशभर में 60 करोड़ से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने टीकाकरण और रोग प्रबंधन, कृत्रिम गर्भाधान और उत्पादकता पर राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम और देश के सभी 687 जिलों के सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों में एक राष्ट्रव्यापी कार्यशाला की भी शुरूआत की। प्रधानमंत्री ने कहा, 'पर्यावरण और पशुधन हमेशा ही भारत की आर्थिक सोच और इसके दर्शन के केन्द्र में रहे हैं। इसीलिए, चाहे स्वच्छ भारत अथवा जल जीवन अभियान हो अथवा कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने की बात हो, हम हमेशा प्रकृति और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन कायम रखने की कोशिश करते हैं।' प्रधानमंत्री ने देश में प्लास्टिक के एकल इस्तेमाल में कमी लाने पर जोर देते हुए स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम की भी शुरूआत की। 

प्रधानमंत्री ने पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और दूध उत्पादन से संबंधित कई अन्य कार्यक्रमों की भी शुरूआत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में पशुपालन और अन्य संबंधित क्रियाकलापों की अत्यधिक भूमिका है और पुशपालन, मछलीपालन, मधुमक्खी पालन आदि में निवेश करने से अधिक लाभ प्राप्त होते हैं।

 

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