सोयाबीन की फलियों में अंकुरण से किसान चिंतित 

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देपालपुर क्षेत्र में 

(शैलेष ठाकुर, देपालपुर)। देपालपुर क्षेत्र के किसानों से लगता है प्रकृति नाराज है। गत वर्ष रबी सीजन में चने और अन्य फसलों पर ठंड और मावठों के कहर बरपाने से फसलें प्रभावित हुई थी और उत्पादन गिरा था। अब इस वर्ष खरीफ में अतिवृष्टि से जल भराव के कारण सोयाबीन की फलियों में अंकुरण को देख किसान सोयाबीन की गुणवत्ता में गिरावट और उत्पादन में कमी की आशंका से चिंतित हैं। कृषक जगत ने प्रभावित किसानों से चर्चा की तो पता चला कि सोयाबीन की फलियों में फिलहाल 2 से 5 प्रतिशत अंकुरण हुआ है। चांदेर के किसान श्री अमरसिंह सोलंकी के 14 बीघा में, फूलान के श्री प्रेमनारायण धनारिया, धुरेरी के श्री राधेश्याम यादव की 10 बीघा फसल में 2 प्रतिशत, धुरेरी के श्री प्रमोद यादव की 50 बीघा में 3 प्रतिशत तथा अम्बालिया के श्री प्रेमसिंह सोलंकी की 20 बीघा में लगाई गई जेएस 9560 में 5 प्रतिशत अंकुरण हुआ है। स्मरण रहे कि वर्ष 2013 में भी क्षेत्र की सोयाबीन की फसल में 15 प्रतिशत तक अंकुरण हुआ था। वर्तमान में भी जल जमाव के कारण सोयाबीन की अगेती किस्मों में फलियों में अंकुरण का प्रतिशत और बढऩे की आशंका है, यदि बारिश का दौर ऐसे ही जारी रहा तो पिछेती किस्मों में भी अंकुरण होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में किसानों को नुकसान होने की चिंता सता रही है। मंडियों में भी किसानों की उपज समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी जाती। जबकि किसान चाहते हैं कि उन्हें अपनी उपज का वास्तविक दाम मिले। ऐसे में किसानों की आय कैसे दुगुनी होगी यह बड़ा सवाल है।
 

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