रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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  • वर्तमान में नमी अधिक होने से भंडारणगृह में कीटों का प्रकोप हो सकता है कीट नियंत्रण के लिए एलुमिनियम फास्फेट दवा की 1-2 पाऊच/ इंसुल प्रति टन अनाज की दर से प्रयोग कर, बोरों एवं कोठियों को बंद कर दें।
  • धान में पत्ती लपेटक कीट के नियंत्रण हेतु क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 एससी 5 मिली प्रति पम्प की दर से प्रभावित फसल पर छिड़काव करें। 
  • धान में यदि पौधों की पत्तियां ऊपरी नॉक से किनारा लेती हुई सामूहिक रूप से, नमी रहते हुए भी झुलस रही हों तो यह झुलसन बीमारी है। बीमारी से बचाव के लिए डायथेन एम 45 दवा का 2 ग्राम/लीटर एवं स्ट्रेप्टोसाइक्लिनदवा का 0.35 ग्राम/ लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
  • अरहर फसल में निंदाई-गुड़ाई करें एवं पत्ती छेदक कीटों के नियंत्रण हेतु ट्रायजोफॉस 40 प्रतिशत दवा या क्विनालफॉस 25 प्रतिशत दवा की 400 मिली मात्रा को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
  • सोयाबीन को बीज के रूप में उपयोग लाना है तो सोयाबीन की गहाई के लिए थ्रेशर में ड्रम की स्पीड 350-400 आरपीएम पर ही गहाई करें। जिससे कि बीज की अंकुरण क्षमता पर विपरीत प्रभाव ना पड़े।

उद्यानिकी:

  • भिंडी में सफेद मक्खी के प्रकोप नियंत्रण हेतु थायोमिथाक्सिन प्रति 0.35 ग्रा. प्रति लीटर का छिड़काव करें।
  • टमाटर में लीफ ब्लाइट झुलसा रोग से बचाने के लिए मेन्कोजेब 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी का उपयोग करें।

पशुपालन:

  • पशुबाड़े एवं मुर्गीघरों में दिन के समय पंखा चलाकर रखें ताकि सीलन युक्त हवा बाहर निकलती रहे एवं उमस वाला वातावरण न हो।

कृषि, पशुपालन, मौसम, स्वास्थ, शिक्षा आदि की जानकारी के लिए जियो चैट डाउनलोड करें-डाउनलोड करने की प्रक्रिया:-

  • गूगल प्ले स्टोर से जियो चैट एप का चयन करें और इंस्टॉल बटन दबाएं। 
  • जियो चैट को इंस्टॉल करने के बाद, ओपन बटन दबाएं।
  • उसके बाद चैनल बटन पर क्लिक करें और चैनल Information Services MP का चयन करें। 
  • या आप नीचे के QR Code को स्कैन कर, सीधे Information Services MP चैनल का चयन कर सकते हैं। 

टोल फ्री नं.18004198800 पर 
संपर्क करें सुबह 9.30 से शाम 7.30 बजे तक

 

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