'प्रकृति बाई महिंद्रा' के तहत नए सॉयल केयर प्रोडक्ट को किया लॉन्च

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महिंद्रा समिट एग्री साइंस ने 

सस्टेनेबल और ऑर्गेनिक कृषि के लिए सबसे उपयुक्त

मुंबई। महिंद्रा एग्री सॉल्यूशंस लि. (एमएएसएल) और सुमितोमो कॉर्पोरेशन ग्रुप, जापान के बीच एक संयुक्त उद्यम महिंद्रा समिट एग्री साइंस लि. ने प्रकृति बाई महिंद्रा ब्रांड नाम के तहत टिकाऊ और जैविक कृषि के लिए एक नई प्रोडक्ट रेंज की शुरुआत की। 

कंपनी व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य, जैविक और जैविक उत्पादों की पेशकश करेगी जो टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देती है। इसके साथ ही, प्रकृति के तहत पोषक तत्व, कीट और रोग प्रबंधन श्रेणियों में उच्च गुणवत्ता वाले माइक्रोबियल उत्पादों की पेशकश की जाएगी। ये उत्पाद अवशेष मुक्त फल और खाद्यान्न सुनिश्चित करते हैं, जो बदले में भारत से कृषि निर्यात को बढ़ावा देंगे।

नई प्रोडक्ट रेंज के बारे में जानकारी देते हुए महिंद्रा एग्री सॉल्यूशंस लि. के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्री अशोक शर्मा ने कहा, स्थायी कृषि उत्पादों की हमारी नई श्रृंखला प्रकृति बाई महिंद्रा को लॉन्च करते हुए खुश हैं। 

श्री शर्मा ने आगे कहा, महिंद्रा समिट एग्री साइंस में हम विश्व स्तर की फसल और मिट्टी की देखभाल के समाधान प्रदान करने के अपने वादे पर खरे रहना चाहते हैं, जिससे फसल क्षति को काफी कम किया जा सकेगा। यह खेती में एक नए युग की खेती 3.0 वाले हमारे दृष्टिकोण की ओर एक कदम होगा, जो पूरे कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को उन्नत करता है। 

प्रकृति बाई महिंद्रा दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता का नतीजा है- महिंद्रा की भारतीय कृषक समुदाय में पैठ और सुमितोमो की जापानी तकनीक की मजबूत समझ। इस नई पहल के माध्यम से, कंपनी फसल और मिट्टी की क्षति को कम करने और पैदावार बढ़ाने के लिए नवीनतम वैश्विक प्रौद्योगिकी तक पहुंच को सक्षम करेगी।

आज, भारत कीटों के हमलों और बीमारियों के मूल्य के मामले में अपने कुल फसल उत्पादन का लगभग 40 फीसदी खो देता है। चूंकि भारत में प्रति व्यक्ति भूमि उपलब्धता समय के साथ घटती जाएगी, इसलिए किसानों को उत्पादकता में सुधार करके अपने कृषि उत्पादन को बढ़ाना होगा। इसलिए फसल और मृदा संरक्षण उत्पाद, पूर्व और कटाई के बाद भूमि प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट है।

मूल्य के संदर्भ में फसल सुरक्षा उत्पादों की वर्तमान अनुमानित खपत लगभग 2.5 बिलियन यूएस डॉलर है और अगले कुछ वर्षों में इसके 7 फीसदी सालाना बढऩे की उम्मीद है। 
 

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