इंदौर जिले में 1392 मृदा नमूनों का परीक्षण और विश्लेषण हुआ

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इंदौर। इंदौर जिले के इंदौर, महू ,सांवेर और देपालपुर ब्लॉक के चुनिंदा चार गांवों में कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों से 1392 मृदा नमूनों का एकत्रीकरण, विश्लेषण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया गया। 

उक्त जानकारी देते हुए उप संचालक  किसान कल्याण तथा कृषि विकास, इंदौर श्री विजय चौरसिया ने कृषक जगत को बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में मृदा नमूनों का एकत्रीकरण और विश्लेषण का लक्ष्य निर्धारित था। जिसके तहत इंदौर जिले के इंदौर, महू, सांवेर और देपालपुर विकासखंड के असरावद खुर्द, कुवाली, हरियाखेड़ी और चित्तोड़ा गांवों के किसानों के खेतों से 1476 के विरुद्ध मृदा के 1392  नमूने एकत्रित किए गए जो लक्ष्य का 94 प्रतिशत रहा। इन सभी नमूनों का शत-प्रतिशत विश्लेषण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण  कर किसानों को उचित परामर्श भी दिया गया। मिसाल के तौर पर ग्राम कुवाली के किसान श्री राधेश्याम पिता श्री किसान के खेत की मृदा के परीक्षण में पी.एच. व ईसी सामान्य पाया गया,लेकिन जैविक कार्बन की मात्रा कम पाई गई। जबकि फास्फेट मध्यम और पोटेशियम उच्च पाया गया। इस तरह सल्फर, जिंक, आयरन, मैगनीज, कॉपर आदि पर्याप्त पाए गए।

कृषि विभाग द्वारा संबंधित किसान को सोयाबीन उपज हेतु  उर्वरक यूरिया 55  किग्रा /हे., सिंगल सुपर फास्फेट 500  किग्रा/हे. और पोटाश 25 किग्रा/हे. की  सिफारिश की गई। जबकि सामान्य सिफारिशों में जैविक गोबर खाद डेढ़ टन/हे., जैव उर्वरक पीएसबी 3 किग्रा/हे., सोयाबीन/मूंग के लिए राइजोबियम 5 ग्राम/किलो बीज  और मक्का/ज्वार के लिए एजेक्टोबेक्टर 5 ग्राम/किलो बीज की अनुशंसा की गई।

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