प्याज की खेती की ओर किसानों का बढ़ा रुझान

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(राजीव कुशवाह, नागझिरी)। पिछले साल प्याज की खेती में हुए नुकसान के बावजूद हाल ही में प्याज की कीमतों में आए उछाल के कारण किसानों का रुझान प्याज की खेती की ओर फिर बढ़ रहा है। खरगोन क्षेत्र के कई किसान इन दिनों बड़े रकबे में प्याज के रोपे लगा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि गत दो वर्षों से किसानों के प्याज की सरकारी स्तर पर नेफेड द्वारा खरीदी देर से शुरू किए जाने से किसानों द्वारा 70 प्रतिशत प्याज खुले बाजार में बेच दिया गया था। इसमें किसानों को 5 -12 रु./किलो का ही भाव मिलने से लागत मूल्य भी नहीं निकल पाया था। लेकिन फिलहाल प्याज के दाम में आए उछाल (25-35  रु./किलो) को देखते हुए क्षेत्रीय किसानों का रुझान प्याज की ओर बढऩे लगा है। हालाँकि अति वृष्टि के कारण पहले तैयार किए गए प्याज के रोपे खराब होने के कारण अब यह रोपे महंगे बिक रहे हैं। किसान 5 -10  हजार रु. प्रति क्विंटल की दर पर खरीदकर इन्हें अपने खेतों में रोप रहे हैं। 

नागझिरी के किसान श्री नरेंद्र सिंह सोलंकी, श्रीराम कुशवाह, श्री सावन सोलंकी, श्री गणपति पटेल, श्री भारत आदि ने बताया कि शासन की विसंगतिपूर्ण नीतियों के कारण किसानों की आजीविका मुश्किल से चल पा रही है। किसानों की प्याज की उपज बेचते समय दाम घटने से उन्हें घाटा होता है। इसलिए किसानों की मांग है कि सरकार अन्य खाद्यान्न की तरह प्याज की खरीदी भी निर्धारित दर पर करे, ताकि किसानों की आर्थिक दशा बदल सके।

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