मानव जाति के लिये वरदान है औषधि पौधे : डॉ. बिसेन

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आरोग्यम पुस्तिका का विमोचन

जबलपुर। ''मानव जाति के लिये औषधी पौधे कुदरत का अनमोल तोहफा और वरदान है। इनकी निरंतर खोज और अनुसंधान जरूरी है। जनेकृविवि ने 11 सौ औषधीय प्रजातियों का संरक्षण किया है और राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन में 850 पौधे रोपे गये हैं। औषधीय खेती किसानों की आय में भी इजाफा कर सकती है। ''तदाशय के सारगर्भित और प्रेरक उद्गार कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन ने  ''औषधीय एवं सगंध पौधे, खेती प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन'' विषयक 5 दिवसीय प्रशिक्षण समारोह में व्यक्त किये। डॉ. बिसेन ने आरोग्यम पुस्तिका का विमोचन भी किया।

भारत शासन के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मेनेजमेंट (मैनेज) हैदराबाद एवं जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस प्रशिक्षण में उड़ीसा और महाराष्ट्र सहित मध्यप्रदेश के कृषि विस्तार अधिकारी एवं कर्मचारी प्रशिक्षित होंगे।

इस दौरान अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे, कुलसचिव श्री अशोक कुमार इंगले, संचालक शिक्षण डॉ. एस. डी. उपाध्याय, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. आर. एम. साहू, संयुक्त संचालक (कृषि) श्री नेताम, विभागाध्यक्ष डॉ. नलिन खरे, डॉ. ए.एस. गोंटिया, उपसंचालक डॉ. दिनकर शर्मा, उप लेखानियंत्रक डॉ. अजय खरे, डॉ. ज्ञानेन्द्र तिवारी, नोडल अधिकारी डॉ. सीमा नरवेरिया, ने कहा कि औषधीय फसल का उत्पादन, उपयोग तथा मार्केटिंग की जानकारी किसानों तक पहुंचाना विस्तार कार्यकताओं की अहम जिम्मेदारी है। 

प्रशिक्षणार्थियों ने हर्बल उद्यान का भ्रमण कर वैज्ञानिकों से तकनीकी जानकारी भी हासिल की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सीमा नरवेरिया एवं आभार डीएसडब्ल्यू डॉ. व्ही.के. प्यासी ने आभार प्रदर्शन किया।
 

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