गुलाबी इल्ली नियंत्रण के लिए मोबाईल पर मिलेगी सलाह

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खंडवा। विगत दिनों स्थानीय कृषि महाविद्यालय में कीटनाशक अवरोधकता प्रबंधन परियोजना कपास में गुलाबी डेन्डू छेदक के प्रबंधन की रणनीतियों का प्रसार की गतिविधियों का शुभारंभ हुआ। उपरोक्त जानकारी देते कपास परियोजना प्रमुख श्री सतीश परसाई ने बताया कि गतवर्ष यह परियोजना कृषि मंत्रालय भारत शासन नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत स्वीकृत की गई थी। ये परियोजना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केन्द्रीय कपास अनुसंधान द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर संचालित की जा रही है। डॉ. व्ही.एन.वाद्यभोर निदेशक एवं डॉ. विश्लेष नगरारे प्रमुख वैज्ञानिक के मार्गदर्शन में परियोजना कार्य चल रहा है। खंडवा में इस परियोजना का संचालन श्री सतीश परसाई के नेतृत्व में किया जा रहा है। परियोजना अंतर्गत जसवाड़ी, सिंगोट, भगवानपुरा, अम्बापाट, पिपल्या कला गांवों का चयन किया गया है। प्रत्येक गांव से 10 कपास उत्पादक कृषकों का चयन किया गया है। इनके खेतों पर गुलाबी डेन्डू छेदक के प्रबंधन की रणनीतियों का प्रादर्श अपनाया जा रहा है। साथ ही कपास उत्पादन कृषकों के मोबाइल नंबर को पंजीकृत किये गये हैं। इन पर प्रत्येक सप्ताह गुलाबी इल्ली व कपास हेतु सामयिक सुझाव वाइस मैसेज द्वारा भेजे जा रहे हैं। श्री परसाई ने कपास कृषकों से अपील की वे अपने मोबाइल नं. अविलम्ब पंजीकृत करावें जिससे उन्हें भी मोबाईल पर वाइस मैसेज का लाभ मिल सके।

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