राष्ट्रीय मानक के अनुरूप हो पाठ्यक्रम : डॉं. बिसेन

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स्नातक स्तर पर कृषि विस्तार शिक्षा में गुणात्मक सुधार

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि विस्तार शिक्षा विभाग सभागार में स्नातक स्तर पर कृषि विस्तार शिक्षा में गुणात्मक सुधार और गुणवत्ता लाने हेतु एक दिनी राज्यस्तरीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुये कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कहा कि कृषि के क्षेत्र में विस्तार शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है। 

योग्य और कुशल शिक्षक एक सफल और राष्ट्रस्तरीय वैज्ञानिक, शिक्षक और जमीनी कार्यकर्ता तैयार कर सकते हैं। इसलिये विस्तार शिक्षा पाठ्यक्रम के अनुसार उच्च स्तरीय शिक्षण कार्य जरूरी है। यदि राष्ट्रीय मानक के अनुरूप पाठ्यक्रम होगा तो छात्रगण स्वयं ही आकर्षित होंगे। कार्यशाला के अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे ने उत्कृष्ट्र शिक्षण कार्य पर गहन मार्गदर्शन दिया। 

इस दौरान विषय वस्तु विशेषज्ञ अधिष्ठाता कृषि महा. डॉं. आर.एम. साहू, विभागाध्यक्ष डॉं. नलिन खरे, डॉं. पी.के. मिश्रा, प्रमुख वैज्ञानिक डॉं. एस.आर.के. सिंह आईसीएआर अटारी, डॉं. ए.के. राय, डॉं. प्रशान्त श्रीवास्तव एवं डॉं. परवेज राजन आदि ने कृषि विस्तार शिक्षा के तहत विस्तार शिक्षा, डेव्लपमेंट एडं बिजनेस कम्युनिकेशन, रूरल सोशिओलॉजी, वानिकी विस्तार आदि पर विस्तृत व्याख्यान पेश किये। कार्यशाला में जनेकृविवि समस्त कृषि महाविद्यालयों के विस्तार शिक्षा के प्राध्यापक एवं छात्रगण आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉं. नलिन खरे ने किया।

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