ICAR और MSME के संयुक्त कार्य पर कार्यशाला

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एग्रो और रूरल एंटरप्राइजेज को बढ़ावा देना और विकसित करना

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने गत सप्ताह राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में कृषि और ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए आईसीएआर और एमएसएमई के संयुक्त कार्य पर कार्यशाला का आयोजन किया।

मुख्य अतिथि, श्री प्रताप चंद्र सारंगी, केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम और पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन राज्य मंत्री ने किसानों की आय को बढ़ाने के लिए कषि मशीनीकरण पर जोर दिया। मंत्री ने किसानों को कृषि और खेती की आधुनिक तकनीकों से अच्छी तरह वाकिफ कराने पर जोर दिया। श्री सारंगी ने किसानों से वैज्ञानिकों द्वारा विकसित कृषि प्रौद्योगिकियों में नए नवाचारों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने वैज्ञानिकों और किसानों को लेट्स थिंक, वर्क एंड लिव इन के मार्ग पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री ने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (डीएआरई) और महानिदेशक (आईसीएआर) ने कृषि और ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए आईसीएआर और एमएसएमई के बीच साझेदारी के बारे में  जानकारी दी। महानिदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि मशीनीकरण किसानों की आय को दोगुना करने में मदद करेगा क्योंकि यह लागत, समय और श्रम को कम करता है, जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि होती है।

डॉ. महापात्र ने कहा कि यह उद्यम संबंधित संस्थानों की शक्ति और विशेषज्ञता का लाभ उठाकर कृषि और ग्रामीण उदयमों के संवर्धन और विकास के लिए स्थानीय स्तर पर एमओयू को एक मंच प्रदान करेगा। महानिदेशक ने जोर दिया कि आईसीएआर और एमएसएमई अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, कृषि उपकरणों के विकास और अन्य निर्दिष्ट क्षेत्रों में एक-दूसरे के साथ सहयोग करेंगे।

डॉ. अरुण कुमार पांडा, सचिव, एमएसएमई ने उन रणनीतियों को अपनाने के लिए प्रयास किया जो वास्तविक कृषि प्रौद्योगिकियों को वास्तविक उपयोगकर्ताओं-किसानों तक पहुंचाने में मदद कर सकें।

डॉ. पांडा ने एमएसएमई के कृषि-प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों और क्लस्टर विकास कार्यक्रमों के क्षेत्र में सफलता के उदाहरणों का उल्लेख किया।

श्री राम मोहन मिश्रा, अतिरिक्त सचिव और विकास आयुक्त, एमएसएमई ने महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया कि दोनों संगठन मिलकर काम करेंगे। इससे पहले, डॉ.के.अलगुसुंदरम, उप-महानिदेशक, कृषि अभियांत्रिकी, ICAR, नई दिल्ली और श्री आर.के. राय, निदेशक, MSME ने सहयोग में उनके संबंधित संगठनों और उनकी भूमिकाओं के बारे में जानकारी दी।

श्री सुशील कुमार, अतिरिक्त सचिव (डीएआरई) और सचिव (आईसीएआर) डॉ.आनंद कुमार सिंह, डिप्टी डायरेक्टर जनरल (हॉर्टिकल्चर एंड क्रॉप साइंस), ICAR के साथ ICAR के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और MSME मंत्रालय भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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