किसान रसायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाएं

Share On :

farmers-reduce-the-use-of-chemical-fertilizers

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री

नई दिल्ली। देश के किसान यदि हर वर्ष 10 से 20 फीसदी रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाएं तो भूमि का स्वास्थ्य खराब नहीं होगा। लाल किले की प्राचीर से देश के किसानों का आव्हान करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ तक इसमें कितनी कमी आ सकती है यह देखें। उन्होंने कहा कि तीन लोकसभा क्षेत्र के बीच में एक मेडिकल कॉलेज, दो करोड़ से अधिक गरीब लोगों के लिए घर तथा 15 करोड़ ग्रामीण घरों में पीने के पानी की व्यवस्था और हर गांव को ब्राडबैंड कनेक्टिविटी से जोडऩे का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रखा गया है।

श्री मोदी ने कहा कि किसान भाइयों-बहनों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत 90 हजार करोड़ रुपया किसानों के खाते में ट्रांसफर करने का एक महत्वपूर्ण काम आगे बढ़ा है। किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन की व्यवस्था की गई है। उनको कभी कल्पना नहीं थी कि कभी उनके जीवन में भी पेंशन की व्यवस्था हो सकती है, वैसी पेंशन योजना को भी लागू कर दिया है। 

भविष्य जल संकट से गुजरेगा, यह भी चर्चा होती है, उन चीजों को पहले से ही सोच करके, केंद्र और राज्य मिलकर के योजनाएं बनाएं इसके लिए एक अलग जल-शक्ति मंत्रालय का भी निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि हम आने वाले दिनों में जल-जीवन मिशन को आगे ले करके बढ़ेंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें साथ मिलकर काम करेंगे और आने वाले वर्षों में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा रकम इस मिशन के लिए खर्च करने का हमने संकल्प लिया है। 370 और 35ए के संबंध में श्री मोदी ने कहा कि  जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सुख-समृद्धि और शांति के लिए भारत के लिए प्रेरक बन सकता है। भारत की विकास यात्रा में बहुत बड़ा योगदान दे सकता है। 

उन्होंने कहा कि 5 ट्रिलियन डालर इकानॉमी का सपना संजोया है। आजादी के 70 साल बाद हम दो ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी पर पहुंचे थे, लेकिन पिछले पांच साल के भीतर हम लोग दो ट्रिलियन से तीन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी पर पहुंच गए। इस गति से हम आने वाले पांच साल में 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बन सकते है।

प्रधानमंत्री ने कहा आजादी के 75 साल में देश के किसान की आय दो गुनी होनी चाहिए, हर गरीब के पास पक्का घर होना चाहिए, हर परिवार के पास बिजली होनी चाहिए, हर गांव में ऑप्टीकल फाइबर नेटवर्क और ब्राडबैंड की कनेक्टिविटी हो, साथ ही साथ लांग डिस्टेंस एजुकेशन की सुविधा हो।

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles