पश्चिम निमाड़ में फॉल आर्मी वर्म ने किसानों की नींद उड़ाई

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(राजीव कुशवाह, नागझिरी)। पश्चिम निमाड़ (खरगोन) क्षेत्र में इस वर्ष खरीफ सीजन में लगाई मक्का एवं अन्य फसलों पर फॉल आर्मी वर्म की इल्लियों के प्रकोप और खरपतवार ने किसानों की नींद उड़ा दी है। लगातार बारिश से फसलों पर कीटनाशक भी बेअसर साबित हो रहे हैं। कीटनाशकों का खर्च बढ़ जाने से मक्का की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

इस बारे में नागझिरी के किसान श्री राजेश राठौड़, श्री विजय सेन, श्री सोमनाथ कुशवाह और श्री जीवनलाल सुगंधी ने बताया कि फॉल आर्मी वर्म की हरी इल्लियों का प्रकोप मक्का की फसल को चौपट कर रहा है, वहीं सोलना के श्री रामचंद्र सलू, रूपखेड़ा के मुकेश कुशवाह, मोघन के श्री ललित कुशवाह और कालूराम अवासे ने कहा कि पांच बार कीटनाशक के छिड़काव के बाद भी इल्लियों और बीमारियों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। उधर, कपास पर थ्रिप्स   और दलहनी फसलों पर महुआ के हमले और खरपतवार बढऩे से किसान चिंतित हैं। दवाइयों का खर्च बढऩे से मक्का फसल का लागत मूल्य नहीं निकलने की आशंका जताई जा रही है।

 

उल्लेखनीय है कि खरगोन जिले में कपास, मिर्च, सोयाबीन और जड़ वाली फसलों की तुलना में मक्का की फसल 50 फीसदी रकबे में बोई गई है। मक्का की फसल इस क्षेत्र में गत एक दशक से नकद फसल बनी हुई है, लेकिन इस वर्ष इल्लियों के कारण मक्का-ज्वार जैसे मोटे अनाज का उत्पादन औसतन 8 -10 क्विंटल/ एकड़ ही रहेगा, जबकि पिछले कुछ वर्षों से अच्छी देखभाल की बदौलत यहां के किसानों ने 18 -20 क्विंटल/एकड़ का उत्पादन लिया है। लेकिन इस बार हालात विपरीत हैं। गत वर्ष से लागत खर्च दुगुना होने के बावजूद मक्का का उत्पादन आधा रहने से किसानों की नींद उड़ गई है।

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