देवास में अमानक खाद और कीटनाशक का जखीरा पकड़ा

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इंदौर। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में अमानक खाद और घटिया कीटनाशक के मिलने के मामले ज्यादा सामने आने लगे हैं। ताजा मामला देवास का सामने आया है, जहां गत दिनों चोरी के माल की शंका में पकड़े गए ट्रक की जांच की गई  तो मामला मिलावटी और नकली खाद - दवाई बनाने का निकला। जांच के बाद कारखाने को सील कर यहां से जब्त सामग्री को सुरक्षा की दृष्टि से औद्योगिक थाना परिसर देवास में रखा गया है। आरोपी कारखाना संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

गत दिनों  देवास की औद्योगिक थाना पुलिस ने चोरी के माल की शंका में एक ट्रक पकड़ा था। जिसकी अगले दिन पुलिस, प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्र  देवास स्थित गोल्डन क्रॉप एंड बॉयो साइंस नामक कम्पनी के संचालक श्री संजय पिता हरिश्चंद्र गजमोरे निवासी देवास की मौजूदगी में कारखाने में जांच की गई, तो मामला मिलावटी और नकली खाद -दवाई बनाने का निकला। इसके बाद एसडीएम श्री जीवन सिंह रजक के निर्देश पर कारखाने को सील कर दिया गया और पुलिस ने यहां से बड़ी मात्रा में अमानक खाद और दवाई को जब्त किया गया जिस पर कम्पनी का नाम और पता दर्ज नहीं था। सुरक्षा की दृष्टि से जब्त सामग्री को औद्योगिक थाना परिसर में रखा गया है। मिली जानकारी के अनुसार जब अधिकारियों ने आरोपी गजमोरे से रसायनिक खाद बनाने, दवाई के  केमिकल कम्पोजिशन, वैध दस्तावेज, स्टॉक लाइसेंस और बिक्री के हिसाब से जुड़े सवाल पूछे तो वह जवाब नहीं दे पाया।

कृषि विभाग की ओर से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर. के. विश्वकर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई। एफआईआर के अनुसार कारखाने में पिसे हुए कोटा स्टोन पाउडर के मिश्रण से खाद बनाने के साथ ही मिश्रण करने, तौलने और थैली सिलने की मशीन भी पाई गई। यहां से 630 बोरी धरती पॉवर (40 किलो), 600 बोरी उत्तम शक्ति खाद (50 किलो), तीखी गंध वाले तरल पदार्थ  से भरे 19 ड्रम (200 लीटर) के अलावा कीटनाशक दवाइयों के मुंबई, हैदराबाद के पते वाले रैपर भी मिले। इसके बाद आरोपी संजय गजमोरे के खिलाफ धोखाधड़ी सहित उर्वरक (नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 7) कॉपी राइट अधिनियम (संशोधित 1957 की धारा 63 /64, कीटनाशी अधिनियम 1968  की धारा 29 (1 बी) के तहत प्रकरण दर्ज कर मामला जांच में लिया गया है। इस मामले में प्रमुख आरोपी संजय सहित चार को गिरफ्तार किया गया। पता चला है कि अभी जमानत नहीं हुई है।

पुलिस को सौंपा केस

इस बारे में देवास की कृषि उप संचालक, नीलम चौहान ने कृषक जगत को बताया कि  इस मामले में विभाग ने कार्रवाई कर दी है। अब यह मामला पुलिस की जांच में है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि आरोपी संचालक ने मिलावटी खाद और कीटनाशक कहां-कहां बेचा। इस बारे में एसडीएम श्री रजक ने कृषि विभाग से सभी खाद निर्माताओं की सूची मांगी है,ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।

बताया जा रहा है कि इसी कारखाने पर इसके पूर्व 2011 और 2014 में भी छापा मारा गया था और खाद के नमूनों का पंचनामा बनाकर इन्हें जांच के लिए भोपाल भेजा गया था। इसके बाद इस मामले की किसी ने सुध नहीं ली। अब 9 साल बाद तीसरी बार इसी कंपनी पर फिर कार्रवाई होना कई सवाल खड़े कर रहा है। मालवांचल में इन दिनों नकली खाद -कीटनाशक बनाने और चोरी का माल खरीदने-बेचने का कार्य जोरों पर है। पिछले दिनों इंदौर की एक प्रतिष्ठित कम्पनी के एक गोदाम से चुराए गए लाखों के उत्पादों को धार में बेचने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस ने नकली ग्राहक बनकर चोरी का माल खरीदने वाले को पकड़ लिया। कहा जा रहा है कि चोरी का यह माल खरीदने वाला इसके पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है। ऐसे लोगों को किसी का खौफ नहीं है। यहां विचारणीय बात यह है कि नकली या अवैध कृषि सामग्री  खरीदने -बेचने का आपराधिक कृत्य करने वाले लाखों कमा लेते हैं, लेकिन इससे किसानों का करोड़ों का नुकसान हो जाता है। ऐसे कृत्य करने वालों के प्रति किसानों को तो सतर्क रहना ही होगा, साथ ही कृषि आदान व्यापारियों को भी सोचना होगा कि जो व्यापारी ऐसे कृत्य बार -बार करते हैं, उनका बहिष्कार करें, ताकि कृषि संबंधी व्यापार की गरिमा बनी रहे।

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