निंदाई और दवाई से किया खरपतवार का खात्मा

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इंदौर। मालवा क्षेत्र की खरीफ की प्रमुख फसल सोयाबीन में उगने वाले अवांछित चारे (खरपतवार) को खत्म करने के लिए किसान जुटे हुए हैं। जहां अब तक बारिश नहीं हुई वहां के किसानों ने निंदाई अथवा कुल्पे चलाकर खरपतवार को खत्म करने की कोशिश की।

खरपतवार को लेकर कृषक जगत द्वारा इंदौर -उज्जैन संभाग के चुनिंदा किसानों से हुई चर्चा में नीमच जिले के भोडी के किसान श्री विजय बाबूलाल राठौर ने कहा कि जिले के करीब 80त्न किसानों ने सोयाबीन के खरपतवार को निंदाई करके हटाया। शेष 20त्न किसान कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं। जबकि इसी जिले के बिसलवास सोनगर के किसान श्री ओंकार सिंह मांगू सिंह ने 50 बीघा में लगाई सोयाबीन के खरपतवार को नियंत्रित करने के लिए अदामा कम्पनी के सॉकेट और बीएएसएफ कम्पनी के उत्पाद ओडिसी का छिड़काव ट्रैक्टर से बड़े नोजल से किया। 

कनघट्टी (मंदसौर) के श्री कन्हैयालाल ने दो हेक्टर की सोयाबीन को कुल्पे चलाकर हटाया। लसूडिय़ानाथी (रतलाम) के श्री चेनसिंह चंद्रावत ने भी निंदाई कर खरपतवार हटाया। जबकि सेमल्याचाऊ के श्री मुकेश बद्रीलाल राठौर ने 120 बीघा में लगाई सोयाबीन के खरपतवार को नष्ट करने के लिए अदामा कम्पनी का एंजिल और सॉकेट का छिड़काव ट्रैक्टर से बड़े नोजल से किया। टाकून (इंदौर) के श्री रामेश्वर सोलंकी ने 50 बीघा में लगी सोयाबीन पर ट्रैक्टर से बड़े नोजल से छिड़काव किया। वहीं धार जिले के हनुमंतिया (राजोद) के श्री प्रह्लाद बद्रीलाल ने 17 बीघा की सोयाबीन के लिए ट्रॉपिकल कम्पनी के उत्पाद का छिड़काव स्प्रे पंप से किया। उधर, माधोपुरा (उज्जैन) के श्री सत्यनारायण नागर 25  बीघा में सोयाबीन लगाई , जिसमे से 19  बीघा में निंदाई और 6 बीघा में बीएसएफ का खरपतवारनाशक परस्यूट का इस्तेमाल किया। इसी जिले के खजुरिया मंसूर के श्री गोकुल विश्वकर्मा ने भी 25  बीघा की सोयाबीन में परस्यूट का छिड़काव ट्रैक्टर से किया। वहीं घोसला (उज्जैन) के श्री वीरेन्द्र सिंह चौहान ने  40  बीघा की सोयाबीन के खरपतवार को नियंत्रित करने के लिए बुआई के पहले और बाद में बीएएसएफ, अदामा, टाटा और सिंजेंटा कम्पनी के खरपतवारनाशक  उत्पादों का उपयोग किया। जबकि बड़ा पिपलिया (देवास) के श्री भगतसिंह ठाकुर ने धानुका का टरगा सुपर का छिड़काव किया।

हालांकि निमाड़ क्षेत्र में सोयाबीन का रकबा मालवा की तुलना में कम है, फिर भी रोमचिचली (खरगोन) के श्री सुभाष हुकुम चंद कुशवाह ने  सोयाबीन पर ओडिसी का छिड़काव बैटरी वाले पंप से किया, जबकि भिलाया (खंडवा) के श्री नानसिंह भंगड़ा चौहान ने बारिश नहीं होने से 18  एकड़ में लगाई सोयाबीन के खरतपतवार को निंदाई कर निकाला।

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