खरपतवार नाशक से सोयाबीन फसल सूख गई

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किसान कम्पनी पर केस करें

देपालपुर (शैलेष ठाकुर)। अमानक बीज, उर्वरक और कीटनाशक के मामले इन दोनों ज्यादा सामने आने लगे हैं। ताजा मामला देपालपुर तहसील के तीन गांवों का सामने आया है, जहां के किसानों द्वारा खरपतवारनाशक दवाई छिड़कने से उनकी सोयाबीन की फसल सूख गई। कृषि अधिकारियों द्वारा पीडि़त किसानों के खेतों का भ्रमण करने के पश्चात् पंचनामा बनाकर रिपोर्ट उप संचालक, कृषि इंदौर को भेज दी है ।

इस बारे में चांदेर के पीडि़त विकलांग किसान श्री अंतरसिंह सोलंकी ने कृषक जगत को बताया कि देपालपुर के सरस्वती कृषि सेवा केंद्र से एक सप्ताह पूर्व सोयाबीन के खरपतवार नष्ट करने के लिए खरपतवारनाशक दवा खरीद कर 10 बीघा में छिड़काव किया था। जिसमें से 9 बीघा की फसल पूरी तरह सूख गई। यहीं के अन्य किसान श्रीमती शांति बाई मांगीलाल, श्री उमराव सिंह मोतीराम, श्री जितेन्द्र परिहार, श्री कमल मांगीलाल, श्री मोहनलाल परमार,श्री मोहनलाल दुबे, आदि के अलावा श्री विजय लालसिंह, आरोदा आदि और ग्राम खड़ी के किसान श्री कमल रतनसिंह ने भी इसी दुकान से यह दवाई खरीदी थी जिसके प्रयोग से सोयाबीन की फसल सूख गई। किसानों को दुबारा बोनी करनी पड़ी। जिसके अच्छे उत्पादन पर सवालिया निशान लग गया है।

किसानों की शिकायत पर कृषि के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस.डी. बिल्लौरे, डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. अरुण शुक्ला, सहायक संचालक श्री आर. एन. करोरिया, एसडीओ श्री एस.आर. इस्के, एसडीओ श्री जितेन्द्र चारेल, आरएईओ श्री आर.एस .तोमर और जनपद कृषि समिति सदस्य श्री नारायण परिहार ने किसानों की मौजूदगी में पंचनामा बनाकर अपनी रिपोर्ट उप संचालक कृषि, इंदौर को भेज दी है। वहीं  सरस्वती कृषि सेवा केंद्र के संचालक श्री मुकेश सेन का कहना है कि यह दवा खरीदने वाले 8 -9 किसानों की ही शिकायत आई है। किसान चाहें तो दवाई कम्पनी पर केस कर सकते हैं। उधर, देपालपुर के एसएडीओ श्री जितेन्द्र चारेल ने कृषक जगत को बताया कि 22 किसानों की 70  बीघा की फसल का नुकसान हुआ है। खरपतवारनाशक  के सेम्पल सम्बंधित दुकान से लिए हैं, जिसकी जांच के बाद यदि रिपोर्ट अमानक सामग्री की आई तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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