कैसे जुड़ेंगे एग्रीकल्चर ग्रेजुएट्स सरकार की योजनाओं से

Share On :

how-to-join-government-jobs-in-agriculture

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने लोकसभा में श्री मोहन भाई, कल्याण जी भाई कुंदरिया के सवाल के जवाब में बताया कि सरकार विभिन्न तरीकों से किसानों की सहायता करने के लिए अपनी विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों के तहत कृषि स्नाताकों की सेवाओं का उपयोग कर रही है। किसानों को दी जाने वाली सहायता व कृषि स्नाताकों को दिए गए परिश्रमिक व सुवधिाओं का ब्यौरा दिया। 

1. कृषि सुधार हेतु राज्य विस्तार कार्यक्रम याने आत्मा परियोजना में ब्लाक टेक्नालॉजी मैनेजर (बीटीएम) के पद पर नियुक्त हो सकते हैं। वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह तथा 5 हजार रुपये अतिरिक्त पारिश्रमिक, असिस्टेंट टेक्नॉलाजी (एटीएम) वेतन 25 हजार रुपये प्रतिमाह एवं पारिश्रमिक 4 हजार रुपये दिए जाते हैं। इन पदों पर कृषि स्नातकों को किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, किसान समूहों को एकजुट करना, फार्म स्कूल की स्थापना में सहायता तथा खेती की उन्नत तकनीक की जानकारी का प्रसार करना होता है।

2. इसी प्रकार किसान कॉल सेंटर में फार्म टेली एडवाईजर पर  25 हजार रुपये एग्रीकल्चर ग्रेजुएट्स को और पर्यवेक्षक के पदों पर 30 हजार रुपये प्रतिमाह दिये जाते हैं। कृषि स्नातकों को टोल फ्री नं. पर किसानों को उनकी भाषा में तकनीकी जानकारी देना पड़ती है।

3. कृषि स्नातक, कृषि क्लीनिक एवं कृषि व्यवसाय केन्द्र के माध्यम से स्वयं कृषि उद्यमी बन सकते हैं, इसके लिए 35000 रुपये प्रति उम्मीदवार की दर से नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण, उपक्रम की स्थापना के लिए 1000 रुपये की दर पर प्रोत्साहन दिया जाता है। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को 36 प्रतिशत और महिलाओं अजा, अजजा, पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों के उम्मीदवारों को 40 प्रतिशत की दर से अनुदान। 

4. कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग स्टूडेंट रेडी ग्रामीण उद्यमिता जागरुकता विकास योजना में आरएडब्ल्यूई (रावे) को 3000 रुपये प्रति माह का वजीफा एवं अन्य खर्चों के लिए आईसीएआर के शेयर के रूप में 500 रुपये प्रति विद्यार्थी प्रति माह कृषि स्नातकों को सुविधा दी जाती है।
 

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles