खेत-खलिहान से मंडी तक किसानों को राहत देने का प्रयास

Share On :

effort-to-remove-farmer-distress-in-agriculture-value-chain

(विशेष प्रतिनिधि)

भोपाल। म.प्र. विधानसभा में 15 साल के लम्बे अंतराल के बाद कांग्रेस सरकार का बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री श्री तरूण भनोट ने कोई नया कर नहीं लगाया है। उन्होंने किसानों को कई सौगातें देकर साधने की कोशिश की है। कृषि क्षेत्र के कुल बजट में 46 हजार 560 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें से कृषि विभाग के बजट में 66 फीसदी की वृद्धि करते हुए इसे 22 हजार 736 करोड़ किया गया है। सरकार ने बजट 2019-20 में खेत खलिहान से लेकर मंडी तक किसानों को राहत देने का प्रयास किया है लेकिन कर्जमाफी में उम्मीद से कम बजट चिंता का विषय है। वित्तमंत्री ने युवा, उद्योग, शहर, गांव, स्वास्थ्य एवं पेयजल के लिए भरपूर राशि की व्यवस्था की है। कई नई योजनाएं शुरू करने की घोषणा भी की गई है। 

मध्यप्रदेश सरकार ने गत दिनों वित्त वर्ष 2019-20 का अपना पूर्णकालिक बजट प्रस्तुत किया। यह बजट कुल 2 लाख 33 हजार 605 करोड़ रूपए का है। सरकार ने शुद्ध व्यय 2 लाख 14 हजार 85 करोड़ रूपए रहने का अनुमान जाताया है। बजट की विनियोग राशि पिछले वर्ष की तुलना में 20 फीसदी अधिक है। बजट प्रस्तुत कर रहे वित्त मंत्री श्री तरूण भनोट ने कहा कि कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा। 

बजट में सरकार ने किसानों पर खास ध्यान दिया है। कृषक कल्याण एवं कृषि विकास के मद में 66 फीसदी का इजाफा किया गया है। सरकार ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना के लिए 8000 करोड़ रूपए की राशि आवंटित की है। सरकार ने मावा बाटी, गजक, जलेबी और नमकीन जैसे चुनिंदा स्थानीय उत्पादों को बडे पैमाने पर बाजार उपलब्ध कराने के लिए उनकी ब्रांडिंग करने की बात भी कही। वित्त मंत्री ने जल अधिकार के लिए 1000 करोड़ रूपए की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में 40 नदियों के पुररुद्धार का कार्यक्रम भी चलाएगी। 

रोजगार की समस्या दूर करने के लिए सरकार ने युवा स्वाभिमान योजना को 330 करोड़ रूपए की राशि आवंटित की। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर विशेष ध्यान दे रही है। करीब 100 करोड़ रूपए की लागत से मुख्यमंत्री बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण नामक नई योजना की शुरूआत की घोषणा भी की है। 

मुख्य बातें
  • कृषि के लिए 22 हजार 736 करोड़
  • कृषि सलाहकार परिषद का गठन
  • कृषक बंधु योजना प्रारंभ होगी
  • किसान के्रडिट कार्ड का लाभ पशुपालक और मछुआरों को भी
  • ग्वालियर, जबलपुर में डेयरी साईंस एवं खाद्य प्रसंस्करण महा विद्यालय खुलेंगे
  • बांस  पर भूमिहीन मजदूरों का अधिकार होगा
  • कृषि विभाग के बजट में 66 प्रतिशत वृद्धि
  • जय किसान ऋण माफी योजना-रु. 8000 करोड़
  • इंदिरा किसान ज्योति एवं कृषि पंप- रु. 7117 करोड़
  • गेहूं पर रु. 160 बोनस हेतु राशि रु. 1600 करोड़
  • कृषि क्षेत्र में रोजगार हेतु मुख्यमंत्री बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण योजना प्रारंभ- रु. 100 करोड़
  • सहकारी बैंकों को अंशपूंजी हेतु रु. 1000 करोड़
  • 40 नदियों पर नदी पुनर्जीवन अभियान
  • पेयजल के अधिकार हेतु रु. 1000 करोड़

 

कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र

  • कृषि बजट के लिए वर्ष 2019-20 में रु. 46.559 करोड़
  • 'जय किसान फसल ऋण माफी योजनाÓ में रु. 8,000 करोड़
  • इंदिरा किसान ज्योति योजना, कृषि पम्पों/ थ्रेशरों तथा एक बत्ती कनेक्शन में रु. 7117 करोड़
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हेतु रु. 2,201 करोड़
  • कृषक समृद्धि, भावांतर/फ्लेट रेट योजना में रु. 2720 करोड़

उद्यानिकी

  • उद्यानिकी को रुपये  1,116 करोड़
  • बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र के विस्तार मुख्यमंत्री बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण की नवीन योजना के लिए  रु. 100 करोड़
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में माइक्रो इरीगेशन योजना के लिए रु. 200 करोड़

सहकारिता

  • सहकारिता विभाग की योजनाओं के लिए रु. 2,583 करोड़
  • सहकारी बैंकों को अंशपूंजी -रु. 1,000 करोड़
  • सहकारी बैंकों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान - रु. 700 करोड़
  • मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना -रु. 309 करोड़

पशुपालन एवं मछुआ कल्याण

  • पशुपालन विभाग की योजनाओं के लिए रु. 1,204 करोड़
  • पशु चिकित्सालय - रु. 230 करोड़
  • गौ संवर्धन एवं पशुओं का संवर्धन- रु. 132 करोड़
  • एक रुपये की जगह 20 रुपये प्रतिदिन गौवंश समर्थन का निर्णय
  • प्रदेश में सॉर्टेड सेक्सड सीमन प्रयोगशाला की स्थापना
  • मत्स्य विभाग की योजनाओं के लिये रु. 104 करोड़
  • पशुपालकों एवं मछुआरों को रियायती ब्याज दर पर ऋण के लिए क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जायेंगे।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास

  • ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए रु. 17,186 करोड़
  • प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु रु. 6600 करोड़
  • राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना हेतु रु. 2500 करोड़
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु रु. 2500
  • मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु रु. 1400 करोड़
  • मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम - रु. 1101 करोड़
  • प्रधानमंत्री सड़क योजना में - रु. 514 करोड़
  • राज्य ग्रामीण सड़क कनेक्टीविटी - रु. 200 करोड़

सिंचाई सुविधा

  • सिंचाई परियोजनाओं में पूंजीगत मद में रु. 6,877 करोड़
  • नहर तथा उससे संबंधित निर्माण कार्य हेतु रु. 2,931 करोड़

ऊर्जा

  • ऊर्जा क्षेत्र के तहत रु. 9,888 करोड़
  • टैरिफ अनुदान हेतु रु. 2,559 करोड़
  • इंदिरा गृह ज्योति योजना रु. 2,116 करोड़
  • म.प्र.वि.मं. द्वारा 5 एचपी के कृषि पंपों/ थ्रेशरों तथा एक बत्ती कनेक्शन फ्री बिजली प्रतिपूर्ति - रु. 1,068 करोड़
  • सरल बिजली बिल योजना हेतु रु. 300 करोड़
  • नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग अंतर्गत रु. 271 करोड़
  • नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के को मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना हेतु रु. 187 करोड़

 

मध्य प्रदेश का खजाना खाली होने के बावजूद यह खुशियाली का बजट है। इसमें सभी वर्गों की चिंता करते हुए आगे के पांच साल की दिशा दिखाई दे रही है।

- कमलनाथ,
मुख्यमंत्री (म.प्र.)

 

जिन किसानों को कर्जमाफी के झूठे सपने दिखाकर कांग्रेस सत्ता में आई, उनके लिए मात्र 8 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। जबकि 5 गुना अधिक प्रावधान किया जाना चाहिए था।

- नरेन्द्र सिंह तोमर, केंद्रीय कृषि मंत्री 

सरकार को मिठाईयों और नमकीन की ब्रांडिंग करने के बजाय जनता के लिए कुछ ठोस कदम उठाने पर विचार करना चाहिए। 

- गोपाल भार्गव,
नेता प्रतिपक्ष (म.प्र.)

यह जनता को ठगने वाला बजट है। सात माह में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को डुबो दिया। कर्जमाफी के लिए 8 हजार करोड़ नहीं, 48 हजार करोड़ रुपए चाहिए।

- शिवराज सिंह चौहान
पूर्व मुख्यमंत्री (म.प्र.)

 

मध्य प्रदेश सरकार ने जनहितैषी बजट पेश किया है। इसमें किसानों, युवाओं, महिलाओं को ध्यान में रखकर सरकार ने अपना वचन निभाया है। 

- ज्योतिरादित्य सिंधिया
पूर्व केन्द्रीय मंत्री

 

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles