मक्का में शुरू हुआ फाल आर्मी वर्म का प्रकोप

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कृषि विज्ञान केन्द्र, धार के वैज्ञानिकों द्वारा मक्का फसल का निरीक्षण

धार। कृषि विज्ञान केन्द्र, धार के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. के.एस. किराड़ एवं डॉ. जी.एस.गाठिये फसल वैज्ञानिक द्वारा मनावर विकासखण्ड के ग्राम-गणपुर, माण्डवी, दाहोद आदि ग्रामों में लगी मक्का फसल का भ्रमण किया गया। क्षेत्र में लगी मक्का फसल का अवलोकन एवं भ्रमण करने पर पाया कि लगभग 1 माह की फसल पर फाल आर्मी वर्म कीट का प्रकोप शुरू हो चुका है। जिससे मक्का फसल में 40-50 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। इस कीट के द्वारा देश के अन्य राज्यों में मक्का की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया गया है तथा इसकी फसलों को क्षति एवं नुकसान पहुंचाने की गति अन्य कीटों से तीव्र है। इसके द्वारा नुकसान का अनुमान शत-प्रतिशत देखा गया है। अत: कृषक भाईयों को सलाह दी जाती है कि फाल आर्मी वर्म कीट का समय पर नियंत्रण करने हेतु इन उपायों को अपनायें-

अ. यांत्रिक विधि-

  • फसल की सतत निगरानी रखें।
  • कीट की निगरानी के लिये 05 फेरोमेन ट्रेप प्रति एकड़ लगायें।
  • पौधों की पोंगली में इल्ली होने पर अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करें।
  • खेत में पक्षियों के बैठने हेतु ञ्ज आकार की लकड़ी की खूटियां लगायें ताकि पक्षी इहल्लयों को खा सकें।
  • अण्डा एवं इल्लियों को इकट्ठा कर केरोसीन तेल डालकर नष्ट करें।

ब. जैविक विधि- 

  • मिट्टी में मिलाने के लिये जैविक कीट एवं फफूंदनाशक के रूप में बेवेरिया बेसियाना या मेटाराइजम 3-4 किलोग्राम/हेक्टेयर की दर से उपयोग करें या छिड़काव के रूप में बेसिलस थुरेंजिनेसिस 01 लीटर/हेक्टेयर की दर से 400 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

स. रसायनिक विधि-

आवश्यकता पडऩे पर रसायनिक दवाइयों का छिड़काव करें-

  • फसल की प्रारम्भिक अवस्था में जैविक कीटनाशक नीम तेल 1500 पीपीएम का 1-2 ली./हे. का छिड़काव करें।
  • स्पीनेटोरम 11.07 प्रतिशत एससी का 200 मिली/400 ली. पानी या इमामेक्टीन बेंजोएट 160 ग्राम या क्लोरएन्ट्रीमिलीप्रोल 18.05 प्रतिशत एससी 160 मिली/400 ली. पानी या थायोमिथाक्जाम 12.6 प्रतिशत लेमडा सायहेलोथ्रिन 9.5 प्रतिशत 100 मिली/400 ली. पानी की दर से पोंगलियों में छिड़काव करें। आवश्यकता पडऩे पर उपरोक्त कीटनाशी में से किसी एक का बदल-बदल कर दोबारा छिड़काव 10 दिन के अन्तर से करें।
  • ध्यान रहे किसान भाई पानी की मात्रा 400 ली./हे. चिपको के साथ अवश्य प्रयोग करें
  • छिड़काव करते समय दवाई की मात्रा मक्का की पोंगली में अवश्य डालें तथा छिड़काव सुबह या शाम के समय करें।
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