बने उन्नतशील किसान, बढ़ी आमदनी

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रिलायंस फाउंडेशन से मिली जानकारी

सीहोर। गत खरीफ और रबी में सोयाबीन, अरहर, मक्का, गेहूं, चना, प्याज, लहसुन की खेती में उत्पादन में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी और लागत में 10 प्रतिशत की कमी, सब्जी-भाजी के उत्पादन से लगभग 80,000 रु. से अधिक की अतिरिक्त आमदनी। इतना ही नहीं आगामी 2 माह में पपीते की फसल से 1 लाख रु. से अधिक की आय की संभावना। ये लेखा-जोखा है जिले के आष्टा विकासखंड के ग्राम कोठारी के कृषक श्री संतोष कुमार की खेती का। दो हेक्टेयर कृषि भूमि के मालिक श्री संतोष कुमार अब अपने क्षेत्र में उन्नतशील कृषक कहलाते हैं। वे बताते हैं कि परंपरागत खेती करते हुए कुछ अलग करने की इच्छा थी जिससे आय में वृद्धि हो, साथ ही प्रतिदिन कुछ आमदनी होती रहे। 

इन्होंने कृषक जगत में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा दी जा रही जानकारी पढ़ी और फाउंडेशन के टोल फ्री नं. 18004198800 की जानकारी भी मिली। इन्होंने रिलायंस फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया और फाउंडेशन की टोल फ्री सेवा, व्हाट्सएप ग्रुप, मैसेजिंग सेवा से जुड़ गए। अब इन्हें प्रतिदिन नई-नई तकनीकी जानकारी भी मिलने लगी और इनकी समस्याओं का समाधान भी मिलने लगा, चाहे वो प्रतिदिन आमदनी की समस्या हो या कम पानी में खेती की समस्या हो। टोल फ्री नं. से विशेषज्ञों से मिली सलाहनुसार परम्परागत फसलों के साथ-साथ आधा एकड़ क्षेत्र में गिलकी, बैंगन की खेती की। इनमें आ रही तकनीकी समस्याओं का हल भी टोल फ्री नं. पर विशेषज्ञों से लिया। यह इनकी प्रतिदिन की आमदनी का जरिया बना। विशेषज्ञों की सलाह पर उद्यानिकी विभाग के सहयोग से पपीते की खेती भी प्रारंभ की। पपीते में सिंचाई के लिए ड्रिप व मल्चिंग पद्धति अपनाई। जिससे कम पानी की समस्या भी हल हुई। पपीते में पाले से हुए नुकसान के बाद भी हिम्मत नहीं हारी, परिणामस्वरूप पपीते में फल आना प्रारंभ हो गये हैं। श्री संतोष कुमार का मानना है कि रिलायंस फाउंडेशन जैसी संस्था से तकनीकी जानकारी लेकर उसे उचित तरीके से अपनाते हुए किसान खेती करें तो उसे अवश्य लाभ होगा। खेती संबंधी और अधिक जानकारी के लिए मो.: 8871453410 पर संपर्क कर सकते हैं।
 

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