बिजुर के किसान का सस्ता, आसान बोरिंग रिचार्ज

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इंदौर। गर्मी के दिनों में प्राय: भू जल स्तर गिरने से घरों और खेतों के बोरिंग में पानी आना बंद हो जाता है। यूँ तो बोरिंग रिचार्ज करने में ज्यादा खर्च आता है, लेकिन धार जिले के ग्राम बिजुर के एक युवा किसान श्री दिनेश कामदार ने बोरिंग रिचार्ज के लिए सस्ता और आसान तरीका अपनाया। उनकी इस तकनीक से मात्र एक हजार रुपए में बोरिंग रिचार्ज किया जा सकता है। 

श्री कामदार ने कृषक जगत को बताया कि उनके 55 बीघे के खेत में 6 बोरिंग किए हुए हैं। जिनमें से 3 बोरिंग खेत की निचली सतह में है, जहाँ वर्षा का पानी व्यर्थ बहकर चला जाता था। इनमें से एक बोरिंग को गत वर्ष इस नई तकनीक से रिचार्ज किया तो पानी अच्छा मिला। इससे उत्साहित होकर निचली सतह के शेष दो बोरिंग में इस साल बारिश से पूर्व रिचार्ज की व्यवस्था की है, ताकि बोरिंग से रबी फसल में भरपूर पानी मिल सके।

बोरिंग रिचार्ज की विधि : श्री कामदार ने कहा कि 'जल है तो कल है' और 'खेत का पानी खेत में , फसल आए चैत में' नारे को सार्थक करते हुए उन्होंने यह प्रयास किया। सबसे पहले निचली सतह वाले बोरिंग के आसपास 3  फ़ीट का गड्ढा किया। फिर उसके बाद केसिंग पाइप में दो फ़ीट की लम्बाई में ड्रिल मशीन से गोलाई में 70 -80  एक इंची छेद कर दिए और फिर इन छेदों को बारीक जाली से बंद कर दिया, ताकि बारिश के दौरान मिट्टी केसिंग के अंदर न जाए। इस कार्य में मात्र एक हजार रुपए का खर्चा हुआ। बोरिंग रिचार्ज की यह सस्ती और आसान तकनीक है। अन्य किसान भाई भी इस विधि से अपने निचली सतह में खुदे बोरिंग को अभी रिचार्ज कर सकते हैं।
 

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