सोयाबीन के अंकुरण उपरांत पक्षियों से सुरक्षा

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समस्या- सोयाबीन के अंकुरण उपरांत पक्षियों से सुरक्षा क्यों करना चाहिये। क्या लाभ होता है।

समाधान - सोयाबीन में अंकुरण बाद पक्षियों से उसकी सुरक्षा करना इसका वैज्ञानिक आधार है और यह कम लागत में अधिक उत्पादन की बात की एक महत्वपूर्ण कड़ी भी मानी जाती है। वास्तविकता यह है कि सोयाबीन के अंकुरण के बाद उसकी दो कोपलें स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं जो साधारण कोपल नहीं है बल्कि उन कोपलों में संचित पोषक तत्व पौधों के लिये अत्यंत आवश्यक है क्योंकि उनकी जड़ों से उनको भोजन मिलने में कुछ समय लगता है इस बीच यदि इन्हीं कोपलों को पक्षियों जैसे मिट्ठू, मैना, अन्य चिडिय़ों द्वारा खा लिया गया हो तो उसमें संचित पौष्टिक प्रोटीन पौधों को उपलब्ध नहीं हो पायेगा और पौधा कमजोर हो जायेगा। कोपलों में उपलब्ध प्रोटीन पक्षियों को भी स्वादिष्ट लगता है यही वजह है कि पक्षी उन कोपलों को खाने में रूचि रखकर आक्रमण करते हैं। अंकुरण के बाद 10 दिनों तक कोपलों की रक्षा पक्षियों से करना जरूरी क्रिया होगी ताकि फसल प्रारंभिक अवस्था में ही ना पिट सके।

- यशवंत चौरे, बालाघाट

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