आमदनी को दूना

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सब्जी उत्पादन ने किया

युवा कृषक अभिषेक की पहल

वक्त है बदलाव का। पिछले महीनों में खूब सुने इन राजनीतिक नारों की गहराई में न जाएं पर मूल बात को अपने जीवन में जरूर उतार सकते हैं। वाकई खेती में वक्त है बदलाव का।

पारंपरिक खेती जहां घाटे का सौदा होते जा रही है और नौजवान छिटक रहा है इस पुश्तैनी व्यवसाय से, वहीं दूसरी ओर एक युवा वर्ग ऐसा है जिसके मन में पीढ़ी-दर पीढ़ी एक ही ढर्रे पर चल रही इस जीवन शैली को बदलने की तड़प है, ललक है, बेचैनी है। और ये बदलाव खेती में नवाचार कर हो सकता है, लीक से हटकर काम करने से होगा।

इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के छोटे से गांव भूताई के युवा कृषक अभिषेक पवार ने पारंपरिक फसलें गेहूं, चने को छोड़कर सब्जियों के उत्पादन की ओर रुख किया और उन्हें इस प्रयास में उम्मीद से ज्यादा कामयाबी हासिल हुई। श्री अभिषेक पवार ने इन गर्मियों में पत्ता गोभी लगाई है। एक एकड़ में बोनी मार्च के अंतिम सप्ताह में की। यह फसल तीन माह की हो चुकी है। यह किस्म प्रिंस के नाम से जानी जाती है इसकी प्रतिरोधक क्षमता काफी अच्छी है, इस किस्म की टिकाऊ एवं उत्पादन की क्षमता भी अधिक होती है। पत्ता गोभी में 4-5 दिन के अंतर से पानी चलाना पड़ता है और 10-15 दिन में खरपतवारनाशक दवाइयों का भी छिड़काव करते हैं जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

5 एकड़ जमीन के मालिक श्री पवार ने कृषक जगत को बताया कि मेरे पिताजी पैतृक खेती कर रहे थे गेहूं के साथ मक्का की खेती परम्परानुसार करते आ रहे हैं। मैं स्वयं कृषि से बारहवीं उत्तीर्ण हूं। प्राइवेट नौकरी करते-करते मेरे मन में आया कि हम खेती में नवीन तकनीक आजमा कर अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं। नौकरी की जरूरत नहीं। पिताजी अभी तक गेहूं, चना, मक्का, सब्जी उत्पादन करने के मार्ग में चल रहे थे। अभी इन्होंने लौकी, गिलकी, टमाटर, मिर्च, ककड़ी, लहसुन लगाई हुई है। जबकि सबसे ज्यादा पत्ता गोभी में लाभ होने की सम्भावना है। पिछले वर्ष इसका मंडी भाव 380 रुपये मन था जबकि इस वर्ष 480 रुपये मन है। श्री अभिषेक को इस बार प्रति एकड़ 500 मन उत्पादन होने की उम्मीद है। श्री पवार ने बताया कि 1 एकड़ में 40-50 हजार रुपए खर्च आता है। शुद्ध आमदनी 90-95 हजार रुपए हो सकती है। इस बार 3 एकड़ में सब्जी उत्पादन करने की योजना बनी है। सब्जी उत्पादन के साथ अभिषेक की बकरी पालन, गौपालन और जैविक खाद भी बनाने की योजना है। वे सब्जी के कचरे से भी लाभ कमा रहे हैं।

उनकी कामयाबी की कहानी जानने के लिए संपर्क करें - मो. : 9575772380

(देवेन्द्र पवार/रामदास पवार)
मो. : 9630635635

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