शीघ्र दस्तक देगा म.प्र. में मानसून

Share On :

madhya-pradesh-monsoon-status-2019

भोपाल। प्रदेश में भीषण गर्मी झेल चुके लोगों को मानसून का बेसब्री से इंतजार है। खरीफ सीजन शुरू हो गया है, किसान भी टकटकी लगाकर आसमान की ओर ताक रहे हैं कि मानसून की पहली बारिश कब होगी। हालांकि राज्य में प्री- मानसून की वर्षा प्रारंभ हो गई है परन्तु 23 जून तक मानसून म.प्र. पहुंचने की संभावना है। 

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून के दस्तक देने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से दक्षिण-पश्चिम मानसून को गति मिल रही है। इसलिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई है। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में मानसून ने जगदलपुर से प्रवेश कर लिया है। इधर अरब सागर से आगे बढ़ रहा मानसून मध्य महाराष्ट्र तक पहुंच गया है। स्थानीय मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दोनों तरफ से बढ़ रहे मानसून के 23 जून को बालाघाट से म.प्र. में प्रवेश करने की संभावना है साथ ही यह मानसून 25 से 27 जून के मध्य राजधानी भोपाल में दस्तक दे सकता है।

सामान्य गति से बढ़ रहा है मानसून : श्री रमेश

नई दिल्ली। मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य रूप से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ हफ्तों में देश के अधिकांश हिस्सों में पहुंच जाएगा। विभाग के मुताबिक देश में व्यापक सूखे की आशंका निराधार है क्योंकि अल नीनो प्रभाव और हिन्द महासागर द्विध्रुव (डाइपोल) जैसे कारक बारिश के अनुकूल बने हुए हैं।

मौसम विभाग के महानिदेशक श्री के. जे. रमेश ने कहा कि सूखे की आशंका क्यों है जबकि मानसून अभी पूरे देश में पहुंचा भी नहीं है। केवल दस दिन अच्छी बारिश से पूरी कमी दूर हो जाएगी। श्री रमेश ने कहा कि वह मानसून के प्रसार के बारे में चल रही नकारात्मक बातों से हैरान है क्योंकि इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

उन्होंने कह, 'मानसून की शुरूआत में अल नीनो नकारात्मक क्षेत्र में था और अब भी वहीं है। मौसम का हाल बताने वाला कोई भी वैश्विक या स्थानीय मॉडल इसके अगले दो-तीन महीनों में मजबूत होने का संकेत नहीं दे रहा है। मानसून को प्रभावित करने वाला एक अन्य कारक हिंद महासागर द्विध्रुव सकारात्मक क्षेत्र में है।' रमेश ने कहा कि मानसून के बारे में चिंता का कोई कारण नजर नहीं आता है। इस बार दक्षिण- पश्चिम मानसून देरी से पहुंचा और चक्रवाती तूफान वायु के कारण भी उसकी रफ्तार धीमी पड़ी थी। 20 जून तक देश में मानसून के दौरान सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश हुई थी। मानसून को अब तक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में पहुंच जाना चाहिए था लेकिन पश्चिमी तट पर उसने बंगाल को पार कर लिया है। 

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles