आशायें, नये कृषि मंत्री से

Share On :

high-hopes-from-new-agriculture-minister

मध्य प्रदेश को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है कि प्रदेश के सांसद को पहली बार कृषि मंत्रालय संभालने का अवसर प्राप्त हुआ है। 17वीं लोकसभा के निर्वाचन के बाद मोदी सरकार के मंत्रिमण्डल में श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के केबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। यह मध्यप्रदेश की जनता व किसानों के लिए गौरव की बात है। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सर्वश्री रफी अहमद किदवई, जगजीवन राम, फखरुद्दीन अली अहमद, शरद पवार, देवगौड़ा,प्रकाश सिंह बादल, चिदम्बरम सुब्रामनियम, नीतीश कुमार, राजनाथ सिंह जैसे लोग संभाल चुके हैं। अभी तक कृषि मंत्रालय बिहार, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र व दक्षिण भारत के प्रतिनिधियों तक ही सीमित रहा। यह स्वत्रंत्र भारत में पहला अवसर है कि कृषि मंत्रालय का कार्यभार मध्यप्रदेश के सांसद को दिया गया है। श्री नरेन्द्र सिंह तोमर तीसरी बार सांसद चुने गये। उनके पास पूर्व में केन्द्रीय सरकार में पंचायत राज, ग्रामीण किास तथा माइनिंग मंत्रालयों का कार्य संभालने का अनुभव प्राप्त है। वे मध्यप्रदेश में भी पंचायत मंत्री रह चुके हैं। मध्य प्रदेश की कृषि तथा प्रदेश के किसानों को इनकी इस नई जिम्मेदारी तथा अनुभव का लाभ मिलेगा, ऐसी आशा है।
मध्य प्रदेश में कृषि को अभी तक इतनी तवज्जो नहीं मिली है जिसका वह अधिकारी है। प्रदेश की कृषि की क्षमता को पूरी तरह से निखारा नहीं गया है। पिछली शताब्दी के नौवें दशक के अंत में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के शीर्ष वैज्ञानिकने अनौपचारिक विचार-विमर्श में कहा था कि कृषि के मामले में मध्यप्रदेश अभी एक सोता हुआ शेर है, जिस दिन वह जाग गया उस दिन वह पूरे देश की खाद्यान्न व अन्य कृषि उत्पादों की आवश्यकता को पूरी करने की क्षमता रखता है। प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में इस शेर के जागने की कुछ आहट तो हुई है पर वह अभी भी सोया हुआ है। आज भी उसे जगाने की आवश्यकता है, देश के नये कृषि मंत्री जो इसी प्रदेश के हैं, उनके कार्यकाल में यदि यह शेर न जाग पाया तो फिर कभी इसके जागने की आशा कम ही रहेगी।
श्री नरेन्द्र सिंह तोमर से प्रदेश व देश के किसानों को आशा ही नहीं पूर्ण भरोसा है कि वे देश के किसानों की समस्याओं का शीघ्रताशीघ्र निवारण कर किसानों को प्रोत्साहित करेंगे। देश के किसानों की आय दुगनी करने के केन्द्रीय सरकार के ध्येय को पूर्ण करने के लिए उनसे नये सिरे से प्रयास करने की आशा है जिससे देश के किसानों को उत्पादन बढ़ाने में आने वाली बाधाओं का निराकण हो सके। उत्पादन लागत को कम करने के भी उपाय अपनाने होंगे। पौध संरक्षण रसायनों की कीमत उनकी उत्पादन लागत अनुसार सरकार तय करे न कि उत्पादन कम्पनियां व वितरक अपनी मनमानी अनुसार। उर्वरकों की समय पर उपलब्धता तथा उनकी उत्पादन लागत अनुसार कीमत तय करने से भी किसानों की उत्पादन लागत पर असर पड़ेगा। किसानों की वैकल्पिक साधनों से आय बढ़ाने की ओर भी अथक प्रयास करने होंगे जिसकी गांव स्तर पर योजनाएं बनानी होगी। श्री नरेन्द्र सिंह तोमर से आशा है कि उनके कार्यकाल में देश व प्रदेश की कृषि नई उचाईयों तक पहुंचेगी।

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles