धरतीपुत्रों को धोखाधड़ी से बचने की जरूरत

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इंदौर। पिछले कुछ दिनों से अंचल के किसानों के साथ व्यापारियों द्वारा धोखाधड़ी किए जाने की घटनाएं प्रकाश में आ रही है, जो चिंताजनक है। ऐसे में किसानों को लालच न करते हुए अपनी उपज मंडी में ही बेचना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की होने वाली धोखाधड़ी से बचा जा सके।

भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष श्री बबलू जाधव ने कृषक जगत को बताया कि इंदौर की लक्ष्मीबाई मंडी में आरोपित फर्म राधेश्याम ट्रेडिंग कम्पनी के हरिनारायण खंडेलवाल परिवार और अन्य कंपनियों के लोगों द्वारा अप्रैल में देपालपुर तहसील के करीब दो सौ किसानों से उनके गांवों में जाकर उनके गेहूं को 100 -150 रुपए प्रति क्विंटल अधिक भाव में  25  हजार क्विंटल से अधिक गेहूं खरीद लिया गया जिसका मूल्य करीब ढाई करोड़ रु.से भी अधिक था। व्यापारियों ने इसके भुगतान के पेटे अलग-अलग तारीखों के चेक दिए। पिछले 6-7 सालों से इन व्यापारियों से किसानों का व्यावसायिक परिचय था, इसलिए विश्वास कर चेक ले लिए। लेकिन जब ये चेक बैंक में सिकरने के लिए जमा किए तो वे अनादरित हो गए। किसानों को जब इस धोखाधड़ी का पता चला तो हड़कंप मच गया। उधर,धोखाधड़ी करने वाले व्यापारी का परिवार भूमिगत हो गया। किसानों ने कलेक्टर इंदौर को शिकायत दर्ज करवाकर आंदोलन की चेतावनी दी। इस पर  प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद संबंधित व्यापारी ने कलेक्टर श्री लोकेश जाटव के समक्ष दस प्रतिशत राशि देने का लिखित आश्वासन दिया गया। 

लेकिन गत दिनों व्यापारी हरिनारायण खंडेलवाल बिना किसानों की सूची और पूरी दस प्रतिशत राशि लाने के बजाय मात्र 9 लाख रुपए लेकर कलेक्ट्रेट आया। यह देख किसान भड़कने लगे। व्यापारी को पुलिस संरक्षण देकर मंडी ले जाया गया जहां अपर कलेक्टर श्री दिनेश कुमार जैन ने किसानों को समझाइश दी और मंडी प्रभारी श्री रमेशचंद्र परमार की मौजूदगी में प्रभावित प्रत्येक किसान को एक बिल पर मात्र 5000 रु. की आंशिक राशि का भुगतान किया गया, व्यापारी द्वारा शेष राशि बाद में चुकाने का वादा किया गया। मंडी प्रभारी श्री रमेश चंद्र परमार ने कृषक जगत को बताया कि व्यापारी ने दस प्रतिशत राशि देने का वादा किया था, जो करीब 25 लाख होती है, लेकिन वह सिर्फ 9  लाख लेकर आया। इस पर एडीएम साहब के निर्देश पर किसानों को 5 -5 हजार रुपए का भुगतान किया गया, अन्यथा यह रकम भी नहीं मिलती।

 ऐसी ही दूसरी घटना खंडवा जिले की है जहां दो प्याज उत्पादक किसानों श्री संतोष और श्री गोपाल सिंह के साथ व्यापारी परसराम गुर्जर और लोकेश गुर्जर ने धोखाधड़ी की।  मार्च-अप्रैल में बोई गई प्याज की फसल का उन्होंने खैंगावाड़ा और संगवाड़ा गांवों में जाकर किसानों से दो लाख में सौदा कर लिया और चेक दे दिए जब किसानों ने इन चेकों को भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो वे अनादरित हो गए। पीडि़त किसानों ने एसपी खंडवा को शिकायती आवेदन दिया है।

किसानों को नसीहत - ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए किसानों को सलाह है कि वे लालच से बचें और अपनी उपज मंडी में ही बेचें, ताकि ऐसी धोखाधड़ी की घटनाओं से बचा जा सके। बेची गई उपज का पूरा पक्का बिल लेना न भूलें। इससे मंडी की आय में भी इजाफा होगा। कोशिश करें कि भुगतान नकद में ही हो। यदि फिर भी  किसी फर्म द्वारा चेक दिया जाए तो संबंधित के खाते और वित्तीय स्थिति के बारे में पूरी तहकीकात कर लें। इसके बाद ही चेक लें। निर्धारित तिथि को भुगतान न होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
 

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