साईटोजाईम के बीज उत्पादकों का तकनीकी सम्मेलन सम्पन्न

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इंदौर। विश्व प्रसिद्ध कम्पनी साईटोजाईम (यूएसए), कोरोमंडल एग्रीको और वसुंधरा बॉयो ऑर्गेनिक्स के संयुक्त तत्वावधान में बीज उत्पादक कृषकों का तकनीकी सम्मेलन गत दिनों उज्जैन में आयोजित किया गया। जिसमें साईटोजाईम के बिजनेस मैनेजर श्री उमेश वर्मा, नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ इंंिडया के सचिव डॉ. पी. झवेरी, जेएनकेविवि के डॉ. ए.एन.श्रीवास्तव, कोरोमंडल एग्रीको प्रा.लि. के जोनल मैनेजर श्री एस.के. सिंह, कृषक जगत के श्री सचिन बोन्द्रिया, वसुंधरा के श्री पी. खड़ीकर, कृषि विभाग के पूर्व अपर संचालक श्री आर.डी. खरे, केडीएम सीड्स के श्री के. डी. मेहता, श्री सुभाष पारीख और केवीके उज्जैन के श्री सुभाष तोमर सहित बड़ी संख्या में बीज उत्पादक कृषक मौजूद थे। श्री उमेश वर्मा ने कहा कि बीज के अच्छे अंकुरण के लिए हो साईटोजाइम  इसमें किसानों को मदद करती है। साईटोजाइम ने पौधों को स्वस्थ रखने के लिए साइटोज प्रस्तुत किया। नर्सरी के बाद रोपाई के 6-7 दिन पहले साइटोज का 2 मि.ली. लीटर स्प्रे करने से यह बदले परिवेश में पौधों को सहनशक्ति देने में मददगार साबित होता है। इसे ड्रिप इरिगेशन में भी उपयोग किया जा सकता है। बीजोपचार उत्पाद एसडी मैक्रो जौ, मक्का , आलू , सोयाबीन, मूंगफली, गेहूं आदि फसलों की जड़ों को मजबूती प्रदान करता है,जबकि जैविक साइटोज उत्प्रेरक का कार्य करता है। 

श्री झवेरी ने कहा कि साईटोजाईम के उत्पाद दमदार हैं. 2017 में ट्रायल के दौरान बाढग़्रस्त पौधों को भी कोई नुकसान नहीं हुआ। भारत में किसान बीज की गुणवत्ता तो चाहते हैं, लेकिन मूल्य संवर्धन की बात कोई नहीं करता। श्री एस.के. सिंह ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध साईटोजाइम भारत में दशकों से काम कर रही है। इसके उत्पाद कोरोमंडल एग्रीको प्रा.लि.के जरिए आप तक पहुँचते हैं। इस कम्पनी के पास भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तकनीक मौजूद है। श्री ए. एन. श्रीवास्तव ने सोयाबीन, मक्का और उड़द आदि फसलों के लिए साइटोज के दो स्प्रे क्रमश: फूल और फलियां लगने पर करने की सलाह दी। श्री खरे ने कृषि संबंधी मार्गदर्शन दिया। 

श्री सुभाष तोमर ने कहा कि एसडी मैक्रो सोयाबीन की गठानें बढ़ाता है। उन्होंने कहा चने में मालिब्डिनम के उपयोग से 15 -20  प्रतिशत उत्पादन बढ़ता है। श्री मनीष पटेल ने  रायड़ा में इसका डोज 5  ग्राम  प्रति किलो बीज की सलाह दी।

इस अवसर पर डोंगला के किसान श्री ईश्वरसिंह ने कहा कि एसडी मैक्रो की गुणवत्ता के कारण गेहूं में पानी की कमी महसूस नहीं हुई और 30 क्विंटल/हेक्टर का उत्पादन हुआ। 

बीज उत्पादक श्री संदीप और जागोटी के श्री राकेश माहेश्वरी गोटी ने भी अपने अनुभव साझा किए। आरम्भ में अतिथियों का स्वागत कम्पनी के फील्ड डेवलपमेंट असिस्टेंट (एमपी) श्री मुकेश पायल ने किया। कार्यक्रम का संचालन श्री एस.के.सिंह ने किया। आभार श्री पी. खड़ीकर ने माना।

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