लहसुन भावों में तेजी, किसानों के चेहरे खिले

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सफेद सोना चमका

मंदसौर। पिछले आठ वर्षों से लहसुन के दाम ठीक नहीं मिलने से मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम गुड़भेली के कृषक श्री बालाराम व्यास लहसुन फसल नहीं लगा रहे थे। किन्तु इस वर्ष मंदसौर मंडी में लहसुन 10 हजार रू. प्रति क्विंटल पहुंच गया है, सुनकर श्री व्यास ने अगले सीजन में लहसुन 2 बीघा क्षेत्र में लगाने की ठानी है। श्री व्यास बताते हैं कि 1 बीघा क्षेत्र में 1 से सवा क्विंटल बीज लगता है। अनुमानित 15 से 20 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता है। बीज का खर्च एवं लगभग 5 हजार रु. प्रति बीघा अन्य खर्च लहसुन उत्पादन में किया जाता है। जिले के उपसंचालक उद्यान श्री मनीष चौहान बताते हैं कि 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लहसुन लगाई जाती है, जिसका प्रगतिशील कृषक 100 क्विंटल तक प्रति हेक्टेयर उत्पादन लेता है। जिले की भूमि, जलवायु एवं परंपरागत फसल होने के कारण इसका उत्पादन यहां होता है। लहसुन विक्रय के लिए मशहूर मंदसौर मंडी में जिले के अलावा अन्य स्थानों से भी लहसुन आता है।

लहसुन ट्रालियों से भरी मंडी

यहां लहसुन का उच्चतम दाम एवं तुरंत भुगतान की सुविधा किसानों को मिलती है। प्रतिदिन हजार के लगभग ट्राली, मेटाडोर से लहसुन विक्रय के लिए पहुंच रहा है। जानकारों का कहना है कि चाईना लहसुन नहीं आने से भाव 15 हजार तक पहुंचेगा।

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