कार्य संस्कृति विकसित करने बनाया एप

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कृषि उप संचालक की अनूठी पहल 

इंदौर। आमतौर पर सरकारी कर्मचारियों को अपने कार्य के प्रति लापरवाह माना जाता है, लेकिन कुछ ऐसे बिरले अधिकारी भी होते हैं जो सरकारी कार्यालय में कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए अनूठी पहल भी करते हैं। सागर के कृषि उप संचालक ने विभाग के अधिकारियों के स्वयं के कार्यों का मूल्यांकन करने हेतु नई स्व मूल्यांकन व्यवस्था लागू की है, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

उल्लेखनीय है कि सागर  के कृषि उप संचालक श्री अवधेश कुमार नेमा ने गत दिनों शून्य बजट पर स्वयं ने एक एप्लिकेशन लिंक बनाई और उसे समझाइश भरे एक पत्र के माध्यम से जिले के 25 अधिकारियों पर यह नई व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी कर दिए। जिसमें अधीनस्थ अधिकारी भी रूचि ले रहे हैं। इस अनूठी पहल की सकारात्मक प्रतिक्रिया यह रही कि इस लिंक के बाद अधिकारियों में अच्छे कार्य करने की प्रतिस्पर्धा आरम्भ हो गई है, जो लिंक के उद्देश्य को देखते हुए शुभ संकेत है। 

बता दें कि श्री नेमा द्वारा बनाई गई इस लिंक में दैनिक स्व मूल्यांकन के पेज पर भ्रमण, अवकाश और कार्यालय के तीन विकल्प दिए गए हैं। जैसे भ्रमण क्यों और कहाँ किया गया। भ्रमण में क्या कार्य किया। अवकाश की अवधि और इसे लेने के कारण के साथ ही कार्यालय में रहने के दौरान निपटाए गए कार्यों का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। यह जानकारी आउटपुट के रूप में उप संचालक तक पहुंचेगी। इसके दो फायदे होंगे। एक तो उप संचालक  के समक्ष पूरे जिले की वास्तविक स्थिति सामने होगी और दूसरा कर्मचारी भी अपने कार्य में रूचि लेकर उसे समय पर करेंगे। इससे एक नई कार्य संस्कृति विकसित होगी।

इस बारे में सागर के कृषि उप संचालक श्री अवधेश कुमार नेमा ने कृषक जगत को बताया कि सरकारी कार्य का अधिकारी स्वयं मूल्यांकन करें कि आज दिन भर में उन्होंने क्या कार्य किए इस मकसद से स्व प्रेरणा से यह कार्य शुरू किया। इसीलिए इसे स्व मूल्यांकन नाम दिया गया है। कृषि विभाग के और अधिकारी भी इससे जुड़ गए हैं। अधिकारियों पर कोई दबाव नहीं है। शुरूआती दौर में इस लिंक में ऑटो रिमांडर भी लगाया गया है, जो अधिकारियों को सुबह 11 बजे और शाम 6 बजे अपनी जानकारी भरने के लिए स्मरण कराएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो  इसे विभागीय कर्मचारियों के निचले  स्तर तक ले जाया जाएगा। यदि सरकार चाहे तो इसे अन्य विभागों में भी लागू कर सकती है। अधिकारियों द्वारा सहयोग किए जाने से अच्छा प्रतिसाद मिलने से खुशी हो रही है।

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