2022 तक पारिजात इंडस्ट्रीज लाएगी आईपीओ - श्री आनंद

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पारिजात के श्री उदय आनंद से चर्चा करते कृषक जगत के निदेशक श्री सचिन बोन्द्रिया
 

पारिजात इंडस्ट्रीज के निदेशक श्री उदय आनंद से कृषक जगत की विशेष बातचीत 

इंदौर। गत दिनों इंदौर आए पारिजात इंडस्ट्रीज के निदेशक श्री उदय आनंद से कृषक जगत के निदेशक श्री सचिन बोन्द्रिया की हुई विशेष बातचीत में श्री आनंद ने बताया कि पारिजात प्रमुख निर्यातक कम्पनी है, जिसके उत्पाद 70  देशों में भेजे जाते हैं। भारत में रिटेल क्षेत्र में आने से पहले दूसरे देशों को सीधे उत्पाद भेजे गए। रूस  में तो सीधे किसानों को उत्पाद कई सालों से भेज रहे हैं। 2008 -09  में भारत में ब्रांडेड  बिजनेस शुरू किया। मुख्य उत्पाद फिप्रोनिल (मार्टल) को विभिन्न फसलों में प्रयोग कर सीआईबी लेबल प्राप्त किए। इसके बाद इसके कई संरूपों में मिश्रित उत्पाद भी बाजार में उतारे जिनको देश ही नहीं विदेशों में भी अच्छा प्रतिसाद मिला।

बल्क के बजाय ब्रांडेड उत्पाद निर्यात करने में विश्वास रखने वाली पारिजात इंडस्ट्रीज ने अपनी अलग सोच के चलते नई राह चुनकर कुछ नया करने की ठानी। नियम और कानून के साथ सुरक्षा का हमेशा पालन करने वाली कम्पनी ने अपनी पृथक पहचान बनाई। हमेशा शत-प्रतिशत सीआईबी लेबल क्लेम की तरफ फोकस किया। नए उत्पाद के लिए नई नीति अपनाने वाली पारिजात के कई तैयार उत्पाद सीआईबी में पंजीयन की प्रतीक्षा में हैं। यूएसए और कनाडा में पंजीयन की प्रक्रिया अलग है। वहां पंजीयन कराने वाली फर्में करोड़ों डॉलर लेकर पंजीयन कराती हैं।

भावी रणनीति

श्री आनंद ने कहा कि पारिजात का वर्तमान टर्न ओवर 800 करोड़ रुपए है। जिसे 1500 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है। 2022 तक कम्पनी शेयर मार्केट में आईपीओ लाने वाली है। कृषि और खाद्य पर आधारित विदेशी राबो बैंक ने भी कम्पनी में निवेश किया है। कम्पनी के टर्न ओवर  का 1/3 हिस्सा निर्यात पर और 2/3 हिस्सा घरेलू बाजार से है। देश में मक्का पर आए फाल आर्मी वर्म से निपटने के लिए पारिजात जल्द ही नया प्रभावी उत्पाद पेश करेगी। इसके लिए सीआईबी में आवेदन दिया है। पौध संरक्षण को लेकर जैविक और रसायनिक खेती को लेकर जारी विवादों को  गैर जरुरी मानते हुए पारिजात एकीकृत प्रयासों की पक्षधर है। उसका मानना है कि खेती खर्च ऐसा हो कि जिसे किसान वहन कर सके। नई तकनीक अपनाकर पर्यावरण हितैषी उत्पादों का निर्माण करना हर कम्पनी की जिम्मेदारी है।

  • वर्तमान टर्नओवर 800 करोड़ रुपए
  • 1500 करोड़ रुपए का लक्ष्य
  • फॉल आर्मी वर्म के लिए नया उत्पाद आएगा
  • 3 प्लांट अम्बाला में कार्यशील
  • एक नया प्लांट कडलौर चेन्नई में शीघ्र शुरू

चेन्नई में भी शुरू होगा उत्पादन

 पारिजात की एनएबीएल से अनुमोदित प्रयोगशाला अम्बाला में स्थापित है। कम्पनी के तीन प्लांट अम्बाला में हैं, वहीं चौथा टेक्निकल मेन्युफेक्चरिंग प्लांट चेन्नई के पास कडलौर में है। क्रिमसन आर्गेनिक्स नामक कम्पनी को अधिग्रहित कर इसे शुरू किया गया है। इसके लिए सारी सरकारी औपचारिकताएं और अनुमति ले ली गई है। जुलाई -अगस्त  तक यहां उत्पादन शुरू होने की संभावना है। इस प्लांट के शुरू होते ही कम्पनी के व्यवसाय को बहुत गति मिलेगी।

सीएसआर गतिविधि

सामाजिक सेवा के तहत पारिजात ऊर्जाचक्र कार्यक्रम के तहत एनआईआईटी की साझेदारी में संबंधित व्यापारिक क्षेत्र की जरूरत के मुताबिक युवाओं के लिए रोजगार के कार्यक्रम तैयार कर बेरोजगारों को न्यूनतम शुल्क पर शिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराती है। जबकि आनंद फाउंडेशन में युवाओं को लुप्त होती देश की विरासत की महत्ता बताकर   उन्हें अभिलेखों के साथ छोटी परियोजनाओं से जोड़कर प्राचीन कला और संस्कृति से परिचित कराया जाता है। मूलत: अर्थशास्त्री श्री उदय आनंद  की कीट प्रबंधन को लेकर गैर कृषि समूह के माध्यम से किसानों को सूक्ष्म वित्त और बीमा सुविधा देने की भी योजना है।

पारिजात कम्पनी न्यूट्रीसाइन्स डिवीजन में क्रॉप न्यूट्रिशंस सेगमेंट में उपस्थिति दर्ज कराना चाह रही है। विश्व में जो भी नई तकनीक आ रही है उसके उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। लांच किया गया उत्पाद एम.के.एल. फुजिको एफएस न्यूट्रास्यूटिकल प्रबंधक उत्पाद है। यह फसल एनर्जाइजर फसलों की  समुचित वृद्धि कर पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाकर प्रतिरोधी क्षमता विकसित करता है। एमकेएल में तीन उत्पाद जल्द पेश होंगे।

श्री आनंद ने बताया कि यूँ तो कम्पनी के कई उत्पाद हैं, लेकिन धान की फसल के लिए नर्सरी से ही ध्यान केंद्रित कर बहुउद्देशीय उत्पाद 'आदतÓ से धान का टीकाकरण अभियान सफल रहा। इसके अलावा ओरिएंटल, फिप्रोनिल भी शामिल है। मध्य प्रदेश में  लोकप्रिय उत्पादों में शपथ, डायटा, लियोनेस और टेगाटा प्रमुख हैं। देश के 20  से अधिक  राज्यों में 6  हजार डीलरों के सहयोग से व्यवसाय करने वाली पारिजात कम्पनी जल्द ही बहुराष्ट्रीय कम्पनी बनने जा रही है। जिसका उद्देश्य गुणवत्तायुक्त उत्पाद का निर्माण करना है। श्री उदय आनंद का यही संदेश है कि कृषि एक विज्ञान है, जहां अफवाहों की कोई जगह नहीं है। देश का किसान जागरूक हो गया है। अब वह किसी के कहने पर छिड़काव नहीं करता। उसके पास सूचनाओं के कई विकल्प हैं। जिनकी मदद से वह अपना फायदा देखता है।  यह एग्रो केमिकल क्षेत्र के लिए अच्छा संकेत है। किसानों को बेवकूफ बनाकर बिजनेस करना उचित नहीं है। ऐसे में वे ही कंपनियां बाजार में टिकेंगी जो लगातार अन्वेषण के साथ गुणवत्तायुक्त उत्पाद वाजिब दाम में किसानों को देकर उनका विश्वास जीतेगी।
 

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