सौर ऊर्जा से सिंचाई क्रांति

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प्रतापगढ़ (राजस्थान)। पारम्परिक कहें या आधुनिक सौर ऊर्जा से सिंचाई पम्प चलाकर बढ़ते बिजली के बिल बंद करना इस विधि की प्रमुख विशेषता है। पहली बार एक मुश्त राशि व्यय करनी पड़ती है फिर हमेशा सोलर पेनल से उत्पन्न ऊर्जा का कई तरह से उपयोग कर खर्चे में कटोती कर सकते हैं। जिले के ग्राम बरडिया नाल पाटीदार बाहुल्य प्रगतिशील कृषकों का ग्राम है। 7 कृषकों ने अपने खेतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र सरकारी सहायता से स्थापित किये हैं। इन्हीं में से एक कृषक श्री दिनेश कुमार पिता श्री मथुरालाल पाटीदार जिन्हें ग्राम में फूफाजी के नाम से भी जानते हैं।

2015 में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र से पहले श्री पाटीदार प्रति वर्ष बिजली पर 10 हजार रुपये व्यय करते थे। 5 लाख में स्थापित संयंत्र से श्री पाटीदार ने 1 लाख 85 हजार व्यय करे बाकी सब्सिडी सरकार से मिली। श्री पाटीदार अपनी 10 बीघा भूमि को सिंचाई के अलावा टेंकर भी 5  एच.पी. की मोटर से भर लेते हैं। गर्मी में सुबह 7 से शाम 7 बजे तक एवं सर्दी में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक इससे भरपूर पानी लिया जा सकता है। राजस्थान सरकार की योजना से श्री पाटीदार ने सौर ऊर्जा उपकरण लगाकर बिजली तो बचाई साथ ही प्राकृतिक स्त्रोत से कृषि में लागत कम करने की कोशिश की। अन्य जानकारी श्री दिनेश पाटीदार (फूफाजी) के मो. : 09407212254 पर ले सकते हैं।

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