पौधा कार्बन डाई ऑक्साइड अधिक सोख कर कम करेगा पृथ्वी का तापमान

Share On :

plant-will-reduce-carbon-dioxide-by-reducing-excessive-temperature

जलवायु परिवर्तन पर साल्क इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलाजिकल स्टडीज का परीक्षण

कैलिफोनिया। दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन की बढ़ रही समस्या से कुछ हद तक निजात पाने के लिए अमरीका के कैलिफोर्निया स्थित साल्क इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल स्टडीज की प्रोफेसर डॉ. जोन चोरि ने एक नायाब तरीका खेज निकाला है। 

46 प्रतिशत तक कम हो सकेगी कार्बन की मात्रा

मौजूदा समय में साल्क इंस्टीट्यूट  दुनियाभर में नौ कृषि फसलों पर परीक्षण कर आदर्श पौधे तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। गेहूं, सोयाबीन, मक्का और कपास के पौधों पर इस साल के अंत के फील्ड टेस्टिंग शुरू होगी। पृथ्वी में मिट्टी की करीब 2 मीटर की परत कार्बन से परिपूर्ण हेाती है, इसकी मात्रा वातावरण में मौजूद कार्बन की करीब तीन गुना होती है। साल्क इंस्टीट्यूट का मानना है कि उनकी इस योजना से प्रतिवर्ष 46 प्रतिशत कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा को कम किया जा सकेगा। 

असल में डॉ. जोन एक ऐसी योजना पर काम कर रही हैं जोकि पृथ्वी के तापमान को कम कर देगा। उन्होंने एक ऐसे पौधे को विकसित किया है जो वातावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड को सोख लेगा, इससे प्रतिवर्ष 46 फीसदी तक कार्बन की मात्रा को कम किया जा सकेगा। जलवायु संरक्षण को लेकर लंबे समय से काम कर रही डॉ. जोन बताती हैं कि वैसे सुनने में यह बहुत ही आसान है, लेकिन जिस पौधे की हम कल्पना कर रहे हैं उससे वातावरण में तेजी से बढ़ रही कार्बन की मात्रा को कम करने का प्रयास है। निश्चित ही इसे जलवायु परिवर्र्तन की दिशा में एक सार्थक कदम के रूप में देखा जा सकता है। वैसे तो प्राकृतिक रूप से हर पौधे कार्बन का अवशोषण करके ऑक्सीजन देते हैं। 

सामान्य पौधे से लंबी होंगी जड़ें

कार्बन शोषित करने और एकत्र करने के लिए समय के साथ पौधे विकसित हुए हैं। असल में पौधों की जड़ों में सबेरिन नाम का एक पदार्थ पाया जाता है जोकि कार्बन को अवशोषित करने में मदद करता है। जिस पौधे के विकास पर डॉ. जोन की टीम काम कर रही है उसकी जड़े प्राय: सामान्य पौधों से लंबी होगी। ऐसे में ये पौधे अधिक मात्रा में कार्बन का अवशोषण कर सकेंगे। 


 

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles