आ गया काला गेहूं

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इंदौर। रबी के सीजन में जब गेहूं की बुवाई  चल रही थी तब इंदौर जिले के साथ ही मालवा के नीमच क्षेत्र में भी कुछ किसानों ने काले गेहूं की बोवनी की थी। क्षेत्र में पहली बार बोए गए इस काले गेहूं को लेकर किसानों को जिज्ञासा थी कि उत्पादन कैसा रहेगा। लेकिन अब इस काले गेहूं के  उत्पादन ने यह खुलासा कर दिया है कि इसका उत्पादन सामान्य गेहूं की तरह ही हुआ है।

ग्राम कानाखेड़ी जिला नीमच के  प्रगतिशील किसान श्री गोविन्द नागदा ने कृषक जगत को बताया कि नाबी रिसर्च सेंटर, मोहाली से अपने एक मित्र की मदद से काले गेहूं का 40 किलो बीज प्राप्त किया था जिसे तीन बीघा में बोया गया था। गेहूं की कटाई और सफाई के बाद जब इस गेहूं को तौला गया तो इसका वजन 36 क्विंटल निकला। यह उत्पादन सामान्य गेहूं की तरह ही रहा। सामान्य गेहूं का भी औसतन एक बीघा में 10 -12 क्विंटल उत्पादन होता है।

श्री गोविन्द ने यह भी बताया कि इस काले गेहूं को बोने की प्रेरणा कृषक जगत में छपी खबर से ही मिली। वे कृषि में हमेशा कुछ नया करने को सदैव तत्पर रहते हैं।  काले गेहूं की रोटी के स्वाद के बारे में उन्होंने बताया कि अभी इसका आटा तैयार नहीं किया है। इसलिए स्वाद के बारे में नहीं बता सकता। लेकिन नाबी रिसर्च सेंटर से यह बताया गया था कि इस काले गेहूं  का आटा थोड़ा भूरा रहेगा और इसका स्वाद सामान्य गेहूं जैसा ही रहेगा।

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