ट्रॉपिकल के उत्पादों से रबी फसलों का उत्पादन बढ़ा

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हरदा। श्री राकेश पिता- रामकृष्ण दोगाया, ग्राम- रेल्वा, तहसील हण्डिया, जिला-हरदा (म.प्र.) 80 एकड़ में कृषि करते हैं। उन्होंने इस वर्ष 20 एकड़ में चने की फसल एवं 60 एकड़ में गेहूं की फसल लगाई थी। वे ट्रॉपिकल एग्रो सिस्टम (इं.) प्रा.लि. कंपनी से पिछले दो वर्षों से जुड़े हैं। उन्होंने अपनी चने की फसल में बीजोपचार में नाइट्रोरिच एवं नैनोफॉस मिलाकर बोनी की थी और स्पे्र में टैगबायो, टैग इम्बोज, टैगपॉली और बी.बी. गोल्ड का उपयोग किया। उनकी जमीन हल्की होने पर भी चने का उत्पादन 14 क्विंटल प्रति एकड़ रहा। उन्होंने गेहूं की फसल में भी बीजोपचार में गोल्ड बायोनिक एवं सीडरिच का उपयोग किया साथ ही नासा यूरिया के साथ उपयोग किया। गभोट की अवस्था में टैगपॉली और नैनो पोटाश का उपयोग किया। इसी कारण गेहूं की फसल का उत्पादन 23 क्विंटल प्रति एकड़ आया और गेहूं की गुणवत्ता बहुत बढिय़ा है और वजन में भी अच्छा है।

 

श्री शेरसिंह पिता श्री रामप्रसाद सोलंकी ग्राम-लिक्कीबाला, तहसील-टिमरनी, जिला-हरदा ने इस वर्ष 5 एकड़ में चना और 5 एकड़ में गेहूं की फसल लगाई थी। चने की फसल में नाइट्रोरिच से बीजोपचार किया साथ ही नासा मिलाकर बोनी की जिसका मुझे चने के अंकुरण में फायदा हुआ और शुरुआती अवस्था में जो चने उसलने की शिकायत आती थी इस वर्ष नहीं आई और चने की बढ़वार बहुत बढिय़ा हुई। उन्होंने टैगपॉली और नैनोकेल चने में दो स्प्रे कराये। कीटनाशक में बी.बी. गोल्ड का उपयोग किया। इन सभी उत्पाद से मेरी चने की फसल बहुत ही बढिय़ा पककर तैयार हुई। मेरे गांव के सभी किसान मेरी चने की फसल देखकर सराहना करते थे।

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