रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

Share On :

reliance-foundation-advice-to-farmers

  • फसलों की कटाई के बाद अपने खेत की मिट्टी की जांच करायें। जिससे खरीफ फसल लगाने के पूर्व, प्राप्त मिट्टी परीक्षण परिणामों के आधार पर उर्वरकों का संतुलित मात्रा में, उपयोग कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। 
  • मिट्टी की जांच के लिए नमूना गर्मी के दिनों में ही एकत्रित करें। और ऐसे खेतों से नमूना नहीं लें जहां हाल ही में खाद या उर्वरक डाला गया हो। नमूना लेने के लिए खुरपी जैसे लोहे के औजारों का प्रयोग न करें। एक खेत से लगभग 5 से 6 स्थान से नमूने निकालें और नमूने की पहचान के लिए थैली पर खेत का नाम, स्वयं का नाम, मोबाइल नं. व पूरा पता जरूर लिखें।
  • ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई तीन साल में एक बार जरूर करें। गहरी जुताई करने से मृदा में हवा का आवागमन तथा मिट्टी में जल धारण क्षमता बढ़ती है।
  • बीज में कीट, फफूंद एवं खरपतवार के प्रकोप से बचाने के लिए बीजों के भंडारण से पहले बीजों को भली-भांति साफ कर लें एवं तेज धूप मे 2-3 दिन तक सुखा कर 8 से 10 प्रतिशत नमी होने पर भंडारण करें।
  • बीज भंडारण के पहले फफूंदनाशक दवा से बीजोपचार करें, जिससे बीज जनित रोग का सस्ता एवं कारगर नियंत्रण हो सके। बीजोपचार हेतु थायरम या केप्टान फफूंदनाशक 3 ग्राम अथवा कार्बोक्सिन 2 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें।

उद्यानिकी 

  • ग्रीष्मकानीन कददूवर्गीय सब्जियों में 2 पत्ती एवं 4 पत्ती की अवस्था पर इथ्रेल 200 से 250 पीपीएम (एक ग्राम दवा प्रति 4 लीटर पानी) में मिलाकर छिड़काव करें। 

पशुपालन 

  • पशुओं एवं मुर्गियों के आवास स्थल में बोरे लगाकर लू एवं गर्म हवा से बचाव करना आवश्यक है।

कृषि, पशुपालन, मौसम, स्वास्थ, शिक्षा आदि की जानकारी के लिए जियो चैट डाउनलोड करें-डाउनलोड करने की प्रक्रिया:-

  • गूगल प्ले स्टोर से जियो चैट एप का चयन करें और इंस्टॉल बटन दबाएं। 
  • जियो चैट को इंस्टॉल करने के बाद, ओपन बटन दबाएं।
  • उसके बाद चैनल बटन पर क्लिक करें और चैनल Information Services MP का चयन करें। 
  • या आप नीचे के QR Code को स्कैन कर, सीधे Information Services MP चैनल का चयन कर सकते हैं। 
Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles