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अपनी तरह के अकेले पत्रकार श्री पी. साईंनाथ ने तीन-चार दिन पहले ही भोपाल में कहा था कि- 'अपने देश में कृषि का संकट,अब कृषि से काफी आगे जाकर,पूरे समाज का संकट बन गया है। यह इंसानियत का संकट भी बन गया है। अब ये मत देखो कि कृषि में उत्पादन और उत्पादकता कितनी बढ़ या गिर गई है, यह देखो कि इंसानियत कितनी गिर गई है'।

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