पशुपालन कृषि का अभिन्न अंग : डॉ. बिसेन

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पशुपालन कृषि का अभिन्न अंग : डॉ. बिसेन

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने गतदिनों शैक्षणिक डेयरी फार्म का भ्रमण एवं अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने कहा पशुपालन कृषि का अभिन्न अंग है। पशुपालन के बिना कृषि अधूरी है। उनके साथ निदेशक अनुसंधान डॉ. पी.के. मिश्रा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. आर.एम. साहू, आईपीआरओ डॉ. एम.ए. खान एवं तकनीकी प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अनय रावत शामिल रहे। 
विभागाध्यक्ष डॉ. व्ही.बी. उपाध्याय एवं प्रभारी अधिकारी डॉ. लक्ष्मण सिंह शेखावत ने बताया कि डेयरी में लगभग 80 पशु हैं। इनमें मिल्ट्री डेयरी फार्म से उन्नत फ्रीजवाल नस्ल की 25 गायें एवं 1 सांड शामिल है। ये गायें 20 लीटर प्रतिदिन से अधिक दूध दे रही हैं। केन्द्र में 150 लीटर दूध का उत्पादन प्रतिदिन हो रहा है। पशुओं हेतु केन्द्र में ही बरसीम, जैइ, मक्का, सुडान घास और नेपियर घास उगाया जा रहा है जो दुग्धोत्पादन हेतु फायदेमंद पशु चारा है। 
कुलपति डॉं. बिसेन के मार्गदर्शन में भविष्य में केन्द्र को अत्याधुनिक बनाया जायेगा। इस दौरान केन्द्र के वैज्ञानिकगण डॉं. पी.बी. शर्मा, डॉ. व्ही.के. शुक्ला, डॉ. एम.एल. केवट, डॉ. के.के. अग्रवाल, डॉ. एस.के. विश्वकर्मा, डॉ. जे.के. शर्मा, डॉ. आर.पी. साहू एवं छात्रगण उपस्थित रहे।

 

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