इस वर्ष 'सामान्य' रहेगा मानसून, फसल उपज बढऩे की आशा

Share On :

hope-this-year-will-be-normal--monsoon--crop-yield

स्काईमेट ने की समय से पहले भविष्यवाणी

नई दिल्ली। मौसम की भविष्यवाणी करने वाली निजी संस्था स्काईमेट ने फरवरी में ही इस वर्ष मानसून सामान्य रहने की घोषणा कर दी है। हालांकि यह घोषणा काफी जल्दी की गई है, परन्तु स्काईमेट का तर्क है कि अप्रैल में की जाने वाली भविष्यवाणी भी जनवरी तक के मौसम प्रारूप पर ही आधारित होती है।

स्काईमेट के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा, 'अभी जो भविष्यवाणी की गई है, वह जनवरी के अंत तक उपलब्ध मौसम के प्रारूप पर आधारित है। हालांकि स्काईमेट और जानकारियां हासिल करने के बाद अप्रैल में इसे अद्यतन करेगी।'

इतनी जल्दी मानसून का अनुमान जारी करने के सम्बन्ध में उन्होंने कहा, 'आमतौर पर हमने देखा है कि अप्रैल की शुरुआत में जो भविष्यवाणी की जाती है, वह जनवरी अंत तक के मौसम प्रारूप पर आधारित होती है, ऐसे में हमने सोचा की पहली भविष्यवाणी जारी करने के लिए अप्रैल तक का इंतजार क्यों किया जाए।'

सार्वजनिक क्षेत्र का भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) अप्रैल के दौरान मानसून की पहली भविष्यवाणी करता है। 2019 में सामान्य मानसून होने से देश के कृषि क्षेत्र के लिए अच्छा होगा और इससे फसलों की पैदावार बढ़ सकती है। हालांकि वास्तविक बारिश सामान्य से करीब 9 फीसदी कम रही, जो कम बारिश की श्रेणी से काफी करीब है। लेकिन कम बारिश के बावजूद खरीफ फसल पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।

सरकार ने पहले अग्रिम खरीफ उत्पादन के अनुमान में 2018 के खरीफ सत्र में 14.15 करोड़ टन पैदावार होने की बात कही थी, जो 2017 की तुलना में 0.61 फीसदी अधिक थी।

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles