मक्का में आई तेजी को रोकने आयात को मिल सकती है मंजूरी

Share On :

can-be-allowed-to-stop-import-of-maize-in-maize

इंदौर। बाजार में किसी भी वस्तु की कीमतों का घटना -बढऩा उसकी मांग और पूर्ति पर निर्भर करता है। इन दिनों मक्का में मुर्गी आहार निर्माता और स्टार्च कारखानों की अच्छी मांग के कारण गत दो माह में मक्का के दामों में करीब बीस फीसदी का इजाफा हो चुका है। मक्का के भाव 2100  से 2250 रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं। मक्का में आग झरती इस तेजी को नियंत्रित करने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने चार लाख टन मक्का के आयात का प्रस्ताव तैयार किया है जिसे केंद्र सरकार मंजूरी दे सकती है।

पिछले दो माह से मक्का में आई इस तेजी को देखते हुए  पिछले सप्ताह तेलंगाना में नैफेड द्वारा पिछले सीजन में क्रय की गई 4 .16  लाख टन मक्का में से 4  लाख टन खुले बाजार में 1800 रुपए के भाव से बेचने की घोषणा के बाद अब इस आयात को मंजूरी मिलने से मक्का की तेजी रोकने में सहायक होगी। इस साल खरीफ में मक्का का उत्पादन अनुमान से कम होने के कारण भी तेजी के हालात बने है। खरीफ सीजन 2018 -19 में 214.7  लाख  टन मक्का उत्पादन का अनुमान लगाया था। इसके पीछे मक्का की बुवाई कम होना है। चालू सीजन में मक्का की बुवाई 9.78  प्रतिशत घटकर 14.88  लाख टन ही हुई है। मक्का का प्रमुख उत्पादक राज्य बिहार के अलावा खरीफ में मुख्यत: महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी मक्का का उत्पादन होता है।

बता दें कि फिलहाल मक्का में जो मुर्गी आहार निर्माताओं और स्टार्च कारखाना वालों की जो मांग बनी हुई है यह होली तक कायम रहने की सम्भावना है। ऐसे में मक्का के वर्तमान भावों में 50-100 रुपए की और तेजी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। हालाँकि अप्रैल में रबी की मक्का की आवक शुरू हो जाएगी तब मक्का के भावों में गिरावट आएगी। लेकिन इस बीच की अवधि के लिए चार लाख टन मक्का के आयात के प्रस्ताव को मंजूरी देना सब दृष्टि से हितकर होगा।

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles